स्वाति नक्षत्र के बच्चों के नाम
जिन शिशुओं के जन्म के समय चंद्रमा स्वाति में हो, उनका नाम उनके पद के अक्षर से शुरू होता है: रू (Ru), रे (Re), रो (Ro), ता (Ta)।
पद 1 — अक्षर “रू (Ru)”
लड़के · 5 नाम
| लड़के | अर्थ |
|---|---|
| रुचिर Ruchir | दीप्तिमान; सुंदर |
| रुद्र Rudra | भगवान शिव |
| रुद्रांश Rudransh | भगवान शिव का अंश |
| रूपम Rupam | सुंदर |
| रूपेश Rupesh | सौंदर्य के स्वामी |
लड़कियां · 5 नाम
| लड़कियां | अर्थ |
|---|---|
| रुक्मिणी Rukmini | श्रीकृष्ण की पत्नी |
| रुचि Ruchi | रुचि; स्वाद |
| रुचिका Ruchika | चमकती हुई; सुंदर |
| रूपा Rupa | सुंदर |
| रूपाली Rupali | सुंदर |
पद 2 — अक्षर “रे (Re)”
लड़के · 1 नाम
| लड़के | अर्थ |
|---|---|
| रेवंत Revant | सूर्य के पुत्र |
लड़कियां · 6 नाम
| लड़कियां | अर्थ |
|---|---|
| रेखा Rekha | रेखा |
| रेणु Renu | पराग; कण |
| रेणुका Renuka | परशुराम की माता |
| रेवती Revati | एक नक्षत्र |
| रेवा Reva | नर्मदा नदी |
| रेशमा Reshma | रेशमी |
पद 3 — अक्षर “रो (Ro)”
लड़के · 4 नाम
| लड़के | अर्थ |
|---|---|
| रोशन Roshan | उज्ज्वल; प्रकाशित |
| रोहन Rohan | ऊपर उठने वाला |
| रोहित Rohit | लाल; सूर्य |
| रौनक Raunak | चमक; रौनक |
लड़कियां · 2 नाम
| लड़कियां | अर्थ |
|---|---|
| रोशनी Roshni | प्रकाश |
| रोहिणी Rohini | एक नक्षत्र |
पद 4 — अक्षर “ता (Ta)”
लड़के · 6 नाम
| लड़के | अर्थ |
|---|---|
| तनुज Tanuj | पुत्र |
| तन्मय Tanmay | तल्लीन; मग्न |
| तपन Tapan | सूर्य |
| तरुण Tarun | युवा |
| तारक Tarak | रक्षक; तारा |
| तारानाथ Taranath | तारों के स्वामी |
लड़कियां · 6 नाम
| लड़कियां | अर्थ |
|---|---|
| तनुजा Tanuja | बेटी |
| तन्वी Tanvi | छरहरी; कोमल |
| तपस्या Tapasya | तपस्या; समर्पण |
| तरुणी Taruni | युवती |
| तारा Tara | तारा |
| तारिणी Tarini | तारने वाली; एक देवी |
अर्थ वही दिए गए हैं जो आम तौर पर स्वीकार किए जाते हैं; कई नामों के एक से अधिक अर्थ होते हैं। नामाक्षर एक परंपरा है, कोई बाध्यकारी नियम नहीं — कई परिवार कुलदेवता, दादा-दादी के नाम या राशि के अक्षर का भी ध्यान रखते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नामाक्षर क्या है?
नामाक्षर नाम का शुभ पहला अक्षर है, जो जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में था, उसके पद (चरण) से लिया जाता है। 27 नक्षत्रों में से हर एक के चार पद होते हैं, इस तरह कुल 108 अक्षर बनते हैं।
मैं अपने शिशु का नक्षत्र कैसे जानूं?
ऊपर दिए गए फ़ाइंडर में जन्म की तारीख, सटीक समय और स्थान दर्ज करें। उस क्षण चंद्रमा की स्थिति से नक्षत्र और पद मिलता है, और उसी से अक्षर।