अक्टूबर में मेष चंद्र राशि के मुख्य प्रभाव, उनके बदलने की तारीखों के साथ, नीचे दिए गए हैं। सहायक: आपके षष्ठ भाव में सूर्य, आपके एकादश भाव में राहु। सावधानी ज़रूरी: आपके सप्तम भाव में बुध, आपके सप्तम भाव में शुक्र, आपके चतुर्थ भाव में मंगल, आपके चतुर्थ भाव में गुरु, आपके द्वादश भाव में शनि, आपके पंचम भाव में केतु।
- करियर: कार्यक्षेत्र में संयम रखें और हर बात दोबारा जांचें। आपके द्वादश भाव में शनि काम और प्रतिष्ठा पर दबाव डालता है।
- प्रेम: जीवनसाथी के साथ धैर्य रखें और संवेदनशील विषयों से बचें। आपके सप्तम भाव में शुक्र रिश्तों पर दबाव डालता है।
- धन: बड़ी खरीदारी, उधार देने और सट्टे से बचें। आपके चतुर्थ भाव में गुरु धन पर दबाव डालता है।
- स्वास्थ्य: अच्छी तरह आराम करें और शरीर पर ज़्यादा ज़ोर न डालें। आपके चतुर्थ भाव में मंगल स्वास्थ्य पर दबाव डालता है।
इस महीने के शुभ दिन
जब चंद्रमा आपके 1, 3, 6, 7, 10 या 11वें भाव से गुज़रता है, तो दिन आमतौर पर सहज रहते हैं। महत्वपूर्ण शुरुआत के लिए इन समयों का उपयोग करें।
- 2 अक्टू॰ 2026, 15:40 से 4 अक्टू॰ 2026, 18:32 (चंद्रमा आपके तृतीय भाव में)
- 9 अक्टू॰ 2026, 03:18 से 11 अक्टू॰ 2026, 10:04 (चंद्रमा आपके षष्ठ भाव में)
- 11 अक्टू॰ 2026, 10:04 से 13 अक्टू॰ 2026, 19:13 (चंद्रमा आपके सप्तम भाव में)
- 18 अक्टू॰ 2026, 19:33 से 21 अक्टू॰ 2026, 07:01 (चंद्रमा आपके दशम भाव में)
- 21 अक्टू॰ 2026, 07:01 से 23 अक्टू॰ 2026, 15:04 (चंद्रमा आपके एकादश भाव में)
- 25 अक्टू॰ 2026, 19:22 से 27 अक्टू॰ 2026, 21:07 (चंद्रमा आपके प्रथम भाव में)
- 29 अक्टू॰ 2026, 22:06 से 31 अक्टू॰ 2026, 23:59 (चंद्रमा आपके तृतीय भाव में)
महत्वपूर्ण तारीखें
| तारीख (IST) | घटना |
|---|---|
| 3 अक्टू॰ 2026 12:45 | शुक्र वक्री होता है — इसके कारक मामले धीमे पड़ते हैं और पुराने मुद्दे दोबारा सामने आ सकते हैं। मिश्रित |
| 17 अक्टू॰ 2026 19:52 | सूर्य का तुला में, आपके सप्तम भाव में प्रवेश। सातवें भाव में सूर्य साझेदारी में तनाव ला सकता है। जीवनसाथी या व्यापारिक साझेदार से बहस करने के बजाय ज़्यादा सुनें, और थकाने वाली यात्रा से बचें। चुनौतीपूर्ण |
| 24 अक्टू॰ 2026 12:45 | बुध वक्री होता है — इसके कारक मामले धीमे पड़ते हैं और पुराने मुद्दे दोबारा सामने आ सकते हैं। मिश्रित |
| 31 अक्टू॰ 2026 12:08 | गुरु का सिंह में, आपके पंचम भाव में प्रवेश। पाँचवें भाव में गुरु संतान, शिक्षा, रचनात्मकता और सही निर्णय-क्षमता के लिए उत्तम है। अनुकूल |
व्यक्तिगत ग्रह
- सूर्य कन्या में, आपके षष्ठ भाव में अनुकूलछठे भाव में सूर्य प्रतिस्पर्धा में आगे निकलने और अटके काम पूरे करने में मदद करता है। स्वास्थ्य और ऊर्जा में सुधार होता है, और विवाद प्रायः आपके पक्ष में सुलझते हैं।
- बुध तुला में, आपके सप्तम भाव में चुनौतीपूर्णसातवें भाव में बुध साथी से गलतफ़हमियाँ पैदा कर सकता है। अपेक्षाएँ साफ़-साफ़ बताएँ।
- शुक्र तुला में, आपके सप्तम भाव में, वक्री चुनौतीपूर्णसातवें भाव में शुक्र साथी को अधिक अपेक्षाओं वाला बना सकता है या प्रेम में गलतफ़हमियाँ पैदा कर सकता है। साथी को भरपूर ध्यान दें।
- मंगल कर्क में, आपके चतुर्थ भाव में चुनौतीपूर्णचौथे भाव में मंगल घर में खटपट या संपत्ति और वाहन से जुड़ी परेशानियाँ ला सकता है। मरम्मत और काग़ज़ात दुरुस्त रखें।
धीमे ग्रह
- गुरु कर्क में, आपके चतुर्थ भाव में चुनौतीपूर्णचौथे भाव में गुरु पारिवारिक चिंताएँ या घर और संपत्ति से जुड़े बदलाव ला सकता है।
- शनि मीन में, आपके द्वादश भाव में, वक्री चुनौतीपूर्णद्वादश भाव में शनि से साढ़ेसाती शुरू होती है — खर्च, नींद और अकेलेपन पर ध्यान दें। पहले से योजना बनाएँ और जीवन को सरल रखें।
- राहु कुंभ में, आपके एकादश भाव में अनुकूलएकादश भाव में राहु लाभ देता है, विशेषकर संपर्कों, तकनीक या विदेशी संबंधों के माध्यम से।
- केतु सिंह में, आपके पंचम भाव में चुनौतीपूर्णपाँचवें भाव में केतु संतान या पढ़ाई को लेकर चिंता ला सकता है, पर अंतर्ज्ञान को गहरा करता है।
पारंपरिक उपाय (शनि): समय के पाबंद रहें और अपने लिए काम करने वालों के साथ न्याय करें; शनिवार को सरसों के तेल का दीपक जलाना एक प्रचलित परंपरा है।