कालसर्प दोष कैलकुलेटर
कालसर्प दोष तब बनता है जब सूर्य से शनि तक के सातों ग्रह राहु–केतु अक्ष के एक ही ओर हों।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कालसर्प दोष क्या है?
यह वह स्थिति है जिसमें सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि — सभी राहु और केतु के बीच घिरे हों। इसका नाम राहु जिस भाव में हो उसके अनुसार रखा जाता है, जिससे अनंत से शेषनाग तक 12 प्रकार बनते हैं।
क्या कालसर्प दोष का उल्लेख शास्त्रीय ग्रंथों में है?
बृहत् पराशर होरा शास्त्र में इसका वर्णन नहीं है; यह बाद की परंपरा है। कई ज्योतिषी इसके प्रभाव तभी मानते हैं जब कुंडली के बाकी योग भी इसका समर्थन करें।