मज़बूत राशि मिलान
केवल राशि के आधार पर यह जोड़ी परंपरागत रूप से सामंजस्यपूर्ण मानी जाती है: चंद्र राशियां एक-दूसरे के अनुकूल हैं और उनके स्वामियों में तालमेल है।
कारक
भकूट (परस्पर स्थिति) 7 / 7 अंक
राशियां एक-दूसरे से छठी और आठवीं हैं (षडाष्टक) — भकूट की सबसे सावधानी वाली स्थिति, जो टकराव और स्वास्थ्य से जुड़ी है। इसके लिए पूरी कुंडली की सावधानीपूर्वक जांच ज़रूरी है। यहां भकूट दोष का परंपरागत रूप से परिहार माना जाता है, क्योंकि राशि स्वामी एक ही हैं या आपस में मित्र हैं। इसलिए यहाँ इसके 7 अंक गिने गए हैं।
ग्रह मैत्री (राशि स्वामियों की मित्रता) 5 / 5 अंक
दोनों राशियों का स्वामी शुक्र है, इसलिए दोनों के सोचने का ढंग मिलता-जुलता है।
तत्व सामंजस्य
पृथ्वी और वायु अलग-अलग दिशाओं में खींचते हैं — धैर्य और थोड़ी जगह देना मदद करता है।
राशि स्तर का मिलान केवल चंद्र राशियों पर आधारित है। पारंपरिक अष्टकूट मिलान में नक्षत्र, नाड़ी, गण और योनि भी देखे जाते हैं, और ज्योतिषी दोनों की पूरी कुंडली और मांगलिक दोष भी देखते हैं। इसे पहली झलक के रूप में लें, निर्णय के रूप में नहीं।
पूरी कुंडली मिलाएं दोनों के जन्म विवरण डालें और नाड़ी, गण व मांगलिक जांच सहित पूरा 36 गुण कुंडली मिलान पाएं — मुफ़्त।
कुंडली मिलानअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वृषभ और तुला राशि मिलान: विवाह के लिए अनुकूलता
मज़बूत राशि मिलान — राशि अंक: 12 में से 12. केवल राशि के आधार पर यह जोड़ी परंपरागत रूप से सामंजस्यपूर्ण मानी जाती है: चंद्र राशियां एक-दूसरे के अनुकूल हैं और उनके स्वामियों में तालमेल है।
भकूट (परस्पर स्थिति)
राशियां एक-दूसरे से छठी और आठवीं हैं (षडाष्टक) — भकूट की सबसे सावधानी वाली स्थिति, जो टकराव और स्वास्थ्य से जुड़ी है। इसके लिए पूरी कुंडली की सावधानीपूर्वक जांच ज़रूरी है। यहां भकूट दोष का परंपरागत रूप से परिहार माना जाता है, क्योंकि राशि स्वामी एक ही हैं या आपस में मित्र हैं। इसलिए यहाँ इसके 7 अंक गिने गए हैं।