चैत्र नवरात्रि 2037
चैत्र नवरात्रि वसंत की नवरात्रि है: चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तक मां दुर्गा के नौ रूपों की उपासना की नौ रातें। इसका समापन राम नवमी पर होता है।
2037 में चैत्र नवरात्रि का पर्व मंगलवार, 17 मार्च 2037 से गुरुवार, 26 मार्च 2037 तक है।
घटस्थापना: मंगलवार, 17 मार्च 2037
- शुक्ल प्रतिपदा प्रारंभ: 17 मार्च 2037, 05:06
- शुक्ल प्रतिपदा समाप्त: 18 मार्च 2037, 07:20
नई दिल्ली के लिए तारीख और समय।
चैत्र नवरात्रि 2037 के सभी दिन
| तारीख | पर्व / अनुष्ठान | तिथि / समय |
|---|---|---|
| मंगलवार, 17 मार्च | घटस्थापना | शुक्ल प्रतिपदा: 17 मार्च 2037, 05:06 से 18 मार्च 2037, 07:20 तक |
| मंगलवार, 17 मार्च | नवरात्रि का दिन 1 — शैलपुत्री | शुक्ल प्रतिपदा: 17 मार्च 2037, 05:06 से 18 मार्च 2037, 07:20 तक |
| बुधवार, 18 मार्च | नवरात्रि का दिन 1 — शैलपुत्री (जारी) | — |
| गुरुवार, 19 मार्च | नवरात्रि का दिन 2 — ब्रह्मचारिणी | शुक्ल द्वितीया: 18 मार्च 2037, 07:20 से 19 मार्च 2037, 09:15 तक |
| शुक्रवार, 20 मार्च | नवरात्रि का दिन 3 — चंद्रघंटा | शुक्ल तृतीया: 19 मार्च 2037, 09:15 से 20 मार्च 2037, 10:49 तक |
| शनिवार, 21 मार्च | नवरात्रि का दिन 4 — कूष्मांडा | शुक्ल चतुर्थी: 20 मार्च 2037, 10:49 से 21 मार्च 2037, 11:59 तक |
| रविवार, 22 मार्च | नवरात्रि का दिन 5 — स्कंदमाता | शुक्ल पंचमी: 21 मार्च 2037, 11:59 से 22 मार्च 2037, 12:42 तक |
| सोमवार, 23 मार्च | नवरात्रि का दिन 6 — कात्यायनी | शुक्ल षष्ठी: 22 मार्च 2037, 12:42 से 23 मार्च 2037, 12:55 तक |
| मंगलवार, 24 मार्च | नवरात्रि का दिन 7 — कालरात्रि | शुक्ल सप्तमी: 23 मार्च 2037, 12:55 से 24 मार्च 2037, 12:33 तक |
| बुधवार, 25 मार्च | नवरात्रि का दिन 8 — महागौरी | शुक्ल अष्टमी: 24 मार्च 2037, 12:33 से 25 मार्च 2037, 11:36 तक |
| गुरुवार, 26 मार्च | नवरात्रि का दिन 9 — सिद्धिदात्री | शुक्ल नवमी: 25 मार्च 2037, 11:36 से 26 मार्च 2037, 10:02 तक |
तारीख कैसे तय होती है
घटस्थापना का पर्व चैत्र की शुक्ल प्रतिपदा को होता है। दिन इस नियम से तय होता है: सूर्योदय के समय व्याप्त तिथि (उदया तिथि)। जब तिथि दो दिनों में उस समय को छूती है, तो जिस दिन वह अधिक समय तक व्याप्त रहती है, वही दिन लिया जाता है।
नई दिल्ली के लिए गणना। अलग-अलग शहरों और क्षेत्रीय परंपराओं में त्योहार की तारीख एक दिन आगे-पीछे हो सकती है; अंतिम निर्णय आपके कुल पुरोहित के पंचांग का ही मान्य है।
कैसे मनाया जाता है
पहले दिन सुबह कलश स्थापित किया जाता है और जौ बोए जाते हैं (घटस्थापना)। भक्त उपवास रखते हैं या सात्विक भोजन करते हैं, हर दिन देवी के एक रूप की पूजा करते हैं, और अष्टमी या नवमी को छोटी कन्याओं को देवी मानकर पूजते हैं (कन्या पूजन)।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2037 में चैत्र नवरात्रि कब है?
2037 में चैत्र नवरात्रि का पर्व मंगलवार, 17 मार्च 2037 से गुरुवार, 26 मार्च 2037 तक है। (नई दिल्ली)
चैत्र नवरात्रि की तारीख अलग-अलग कैलेंडरों में कभी-कभी अलग क्यों दिखती है?
हिंदू त्योहार चंद्र तिथि के अनुसार मनाए जाते हैं, और तिथि घड़ी के अलग-अलग समय पर शुरू और समाप्त होती है। हर त्योहार का एक नियम होता है कि तिथि दिन के किस भाग में होनी चाहिए — सूर्योदय, मध्याह्न, संध्या या मध्यरात्रि। जब तिथि दो दिनों में फैली होती है, तो किसी दूसरे शहर या दूसरी परंपरा के अनुसार नियम लागू करने वाले कैलेंडर अलग दिन पर पहुंच सकते हैं। हम अपना इस्तेमाल किया गया नियम और तिथि का समय दिखाते हैं, ताकि आप खुद जांच सकें।