छठ पूजा 2076
छठ पूजा सूर्य देव और छठी मैया की उपासना का चार दिवसीय पर्व है, जो मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल में मनाया जाता है और कार्तिक शुक्ल षष्ठी को अपने चरम पर होता है।
2076 में छठ पूजा का पर्व शनिवार, 31 अक्टूबर 2076 से मंगलवार, 3 नवंबर 2076 तक है।
छठ — संध्या अर्घ्य: सोमवार, 2 नवंबर 2076
पटना के लिए तारीख और समय।
छठ पूजा 2076 के सभी दिन
| तारीख | पर्व / अनुष्ठान | तिथि / समय |
|---|---|---|
| शनिवार, 31 अक्टू॰ | नहाय खाय | — |
| रविवार, 1 नव॰ | खरना | शुक्ल पंचमी: 1 नव॰ 2076, 00:58 से 23:45 तक |
| सोमवार, 2 नव॰ | छठ — संध्या अर्घ्य | सूर्यास्त: 17:07 |
| मंगलवार, 3 नव॰ | उषा अर्घ्य (पारण) | सूर्योदय: 05:59 |
तारीख कैसे तय होती है
छठ लगातार चार दिन चलता है, जिनका आधार खरना है — वह दिन जब सूर्योदय के समय कार्तिक शुक्ल पंचमी व्याप्त हो: उससे एक दिन पहले नहाय खाय, खरना के अगले दिन अस्त होते सूर्य को संध्या अर्घ्य, और उसके अगले सूर्योदय पर उषा अर्घ्य।
पटना के लिए गणना। अलग-अलग शहरों और क्षेत्रीय परंपराओं में त्योहार की तारीख एक दिन आगे-पीछे हो सकती है; अंतिम निर्णय आपके कुल पुरोहित के पंचांग का ही मान्य है।
कैसे मनाया जाता है
पहला दिन नहाय खाय (पवित्र स्नान और सादा भोजन) है; दूसरा दिन खरना है, दिन भर का उपवास जो खीर से खोला जाता है; तीसरे दिन व्रती जल में खड़े होकर अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देते हैं; चौथे दिन वे उगते सूर्य को अर्घ्य देकर 36 घंटे का व्रत पूरा करते हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2076 में छठ पूजा कब है?
2076 में छठ पूजा का पर्व शनिवार, 31 अक्टूबर 2076 से मंगलवार, 3 नवंबर 2076 तक है। (पटना)
छठ पूजा की तारीख अलग-अलग कैलेंडरों में कभी-कभी अलग क्यों दिखती है?
हिंदू त्योहार चंद्र तिथि के अनुसार मनाए जाते हैं, और तिथि घड़ी के अलग-अलग समय पर शुरू और समाप्त होती है। हर त्योहार का एक नियम होता है कि तिथि दिन के किस भाग में होनी चाहिए — सूर्योदय, मध्याह्न, संध्या या मध्यरात्रि। जब तिथि दो दिनों में फैली होती है, तो किसी दूसरे शहर या दूसरी परंपरा के अनुसार नियम लागू करने वाले कैलेंडर अलग दिन पर पहुंच सकते हैं। हम अपना इस्तेमाल किया गया नियम और तिथि का समय दिखाते हैं, ताकि आप खुद जांच सकें।