दशहरा (विजयादशमी) 2025 — जयपुर

दशहरा या विजयादशमी, आश्विन शुक्ल दशमी, रावण पर राम की और महिषासुर पर दुर्गा की विजय का उत्सव है — बुराई पर अच्छाई की जीत।

2025 में दशहरा (विजयादशमी) गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025 को है।

  • अपराह्न मुहूर्त: 2 अक्टू॰ 2025, 13:27 से 15:49 तक
  • शुक्ल दशमी प्रारंभ: 1 अक्टू॰ 2025, 19:01
  • शुक्ल दशमी समाप्त: 2 अक्टू॰ 2025, 19:11

जयपुर के लिए तारीख और समय।

तारीख कैसे तय होती है

दशहरा (विजयादशमी) का पर्व आश्विन की शुक्ल दशमी को होता है। दिन इस नियम से तय होता है: अपराह्न (दिन का चौथा पांचवां भाग) में व्याप्त तिथि। जब तिथि दो दिनों में उस समय को छूती है, तो जिस दिन वह अधिक समय तक व्याप्त रहती है, वही दिन लिया जाता है।

जयपुर के लिए गणना। अलग-अलग शहरों और क्षेत्रीय परंपराओं में त्योहार की तारीख एक दिन आगे-पीछे हो सकती है; अंतिम निर्णय आपके कुल पुरोहित के पंचांग का ही मान्य है।

कैसे मनाया जाता है

रामलीला के बाद रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले जलाए जाते हैं; लोग शस्त्रों और औज़ारों की पूजा (आयुध पूजा) करते हैं, शमी या आपटा के पत्ते "सोने" के रूप में एक-दूसरे को देते हैं, और नई विद्या की शुरुआत करते हैं। अपराह्न का विजय मुहूर्त नई शुरुआत के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2025 में दशहरा (विजयादशमी) कब है?

2025 में दशहरा (विजयादशमी) गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025 को है। (जयपुर)

दशहरा (विजयादशमी) की तारीख अलग-अलग कैलेंडरों में कभी-कभी अलग क्यों दिखती है?

हिंदू त्योहार चंद्र तिथि के अनुसार मनाए जाते हैं, और तिथि घड़ी के अलग-अलग समय पर शुरू और समाप्त होती है। हर त्योहार का एक नियम होता है कि तिथि दिन के किस भाग में होनी चाहिए — सूर्योदय, मध्याह्न, संध्या या मध्यरात्रि। जब तिथि दो दिनों में फैली होती है, तो किसी दूसरे शहर या दूसरी परंपरा के अनुसार नियम लागू करने वाले कैलेंडर अलग दिन पर पहुंच सकते हैं। हम अपना इस्तेमाल किया गया नियम और तिथि का समय दिखाते हैं, ताकि आप खुद जांच सकें।