गुड़ी पड़वा / उगादि 2026

गुड़ी पड़वा (महाराष्ट्र और गोवा में) और उगादि (कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में) चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को चंद्र नव वर्ष के रूप में मनाए जाते हैं। इसी दिन उत्तर भारत में चैत्र नवरात्रि शुरू होती है।

2026 में गुड़ी पड़वा / उगादि गुरुवार, 19 मार्च 2026 को है।

  • शुक्ल प्रतिपदा प्रारंभ: 19 मार्च 2026, 06:53
  • शुक्ल प्रतिपदा समाप्त: 20 मार्च 2026, 04:52

नई दिल्ली के लिए तारीख और समय।

तारीख कैसे तय होती है

गुड़ी पड़वा / उगादि का पर्व चैत्र की शुक्ल प्रतिपदा को होता है। दिन इस नियम से तय होता है: सूर्योदय के समय व्याप्त तिथि (उदया तिथि)। जब तिथि दो दिनों में उस समय को छूती है, तो जिस दिन वह अधिक समय तक व्याप्त रहती है, वही दिन लिया जाता है।

नई दिल्ली के लिए गणना। अलग-अलग शहरों और क्षेत्रीय परंपराओं में त्योहार की तारीख एक दिन आगे-पीछे हो सकती है; अंतिम निर्णय आपके कुल पुरोहित के पंचांग का ही मान्य है।

कैसे मनाया जाता है

घरों की सफ़ाई की जाती है और उन्हें रंगोली व आम के पत्तों से सजाया जाता है। महाराष्ट्र में घर के बाहर गुड़ी फहराई जाती है — बांस के डंडे पर रेशमी कपड़ा, जिसके ऊपर तांबे का लोटा रखा होता है; दक्षिण में परिवार उगादि पचड़ी खाते हैं, जो आने वाले वर्ष के सुख-दुख के प्रतीक छह स्वादों का मिश्रण है, और पंचांग श्रवणम्, यानी नए वर्ष के पंचांग का पाठ सुनते हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में गुड़ी पड़वा / उगादि कब है?

2026 में गुड़ी पड़वा / उगादि गुरुवार, 19 मार्च 2026 को है। (नई दिल्ली)

गुड़ी पड़वा / उगादि की तारीख अलग-अलग कैलेंडरों में कभी-कभी अलग क्यों दिखती है?

हिंदू त्योहार चंद्र तिथि के अनुसार मनाए जाते हैं, और तिथि घड़ी के अलग-अलग समय पर शुरू और समाप्त होती है। हर त्योहार का एक नियम होता है कि तिथि दिन के किस भाग में होनी चाहिए — सूर्योदय, मध्याह्न, संध्या या मध्यरात्रि। जब तिथि दो दिनों में फैली होती है, तो किसी दूसरे शहर या दूसरी परंपरा के अनुसार नियम लागू करने वाले कैलेंडर अलग दिन पर पहुंच सकते हैं। हम अपना इस्तेमाल किया गया नियम और तिथि का समय दिखाते हैं, ताकि आप खुद जांच सकें।