हरतालिका तीज 2004

हरतालिका तीज, भाद्रपद शुक्ल तृतीया, शिव को पति रूप में पाने के लिए पार्वती की तपस्या की स्मृति में मनाई जाती है।

2004 में हरतालिका तीज शुक्रवार, 17 सितंबर 2004 को है।

  • शुक्ल तृतीया प्रारंभ: 16 सित॰ 2004, 18:43
  • शुक्ल तृतीया समाप्त: 17 सित॰ 2004, 17:33

नई दिल्ली के लिए तारीख और समय।

तारीख कैसे तय होती है

हरतालिका तीज का पर्व भाद्रपद की शुक्ल तृतीया को होता है। दिन इस नियम से तय होता है: सूर्योदय के समय व्याप्त तिथि (उदया तिथि)। जब तिथि दो दिनों में उस समय को छूती है, तो जिस दिन वह अधिक समय तक व्याप्त रहती है, वही दिन लिया जाता है।

नई दिल्ली के लिए गणना। अलग-अलग शहरों और क्षेत्रीय परंपराओं में त्योहार की तारीख एक दिन आगे-पीछे हो सकती है; अंतिम निर्णय आपके कुल पुरोहित के पंचांग का ही मान्य है।

कैसे मनाया जाता है

महिलाएं कठोर व्रत रखती हैं — अक्सर निर्जला — शिव और पार्वती की मिट्टी की प्रतिमाएं बनाकर सुबह उनकी पूजा करती हैं, और रात भर भजन गाते हुए जागरण करती हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2004 में हरतालिका तीज कब है?

2004 में हरतालिका तीज शुक्रवार, 17 सितंबर 2004 को है। (नई दिल्ली)

हरतालिका तीज की तारीख अलग-अलग कैलेंडरों में कभी-कभी अलग क्यों दिखती है?

हिंदू त्योहार चंद्र तिथि के अनुसार मनाए जाते हैं, और तिथि घड़ी के अलग-अलग समय पर शुरू और समाप्त होती है। हर त्योहार का एक नियम होता है कि तिथि दिन के किस भाग में होनी चाहिए — सूर्योदय, मध्याह्न, संध्या या मध्यरात्रि। जब तिथि दो दिनों में फैली होती है, तो किसी दूसरे शहर या दूसरी परंपरा के अनुसार नियम लागू करने वाले कैलेंडर अलग दिन पर पहुंच सकते हैं। हम अपना इस्तेमाल किया गया नियम और तिथि का समय दिखाते हैं, ताकि आप खुद जांच सकें।