कृष्ण जन्माष्टमी 2026

कृष्ण जन्माष्टमी भाद्रपद कृष्ण अष्टमी (अमांत पंचांग में श्रावण) की मध्यरात्रि को भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव है, आदर्श रूप से रोहिणी नक्षत्र के साथ।

2026 में कृष्ण जन्माष्टमी शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को है।

  • निशीथ काल (मध्यरात्रि पूजा): 4 सित॰ 2026, 23:57 से 5 सित॰ 2026, 00:14 तक
  • कृष्ण अष्टमी प्रारंभ: 4 सित॰ 2026, 02:25
  • कृष्ण अष्टमी समाप्त: 5 सित॰ 2026, 00:14

नई दिल्ली के लिए तारीख और समय।

तारीख कैसे तय होती है

कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रावण (अमांत) / भाद्रपद (पूर्णिमांत) की कृष्ण अष्टमी को होता है। दिन इस नियम से तय होता है: मध्यरात्रि, यानी निशीथ काल (रात्रि का आठवां मुहूर्त) में व्याप्त तिथि। जब तिथि दो दिनों में उस समय को छूती है, तो जिस दिन वह अधिक समय तक व्याप्त रहती है, वही दिन लिया जाता है।

नई दिल्ली के लिए गणना। अलग-अलग शहरों और क्षेत्रीय परंपराओं में त्योहार की तारीख एक दिन आगे-पीछे हो सकती है; अंतिम निर्णय आपके कुल पुरोहित के पंचांग का ही मान्य है।

कैसे मनाया जाता है

भक्त मध्यरात्रि तक उपवास रखते हैं, बाल कृष्ण के लिए पालना सजाते हैं, भजन गाते हैं और मध्यरात्रि की पूजा के बाद व्रत खोलते हैं। महाराष्ट्र में अगले दिन दही हांडी होती है। स्मार्त और वैष्णव (इस्कॉन) परंपराएं कभी-कभी इसे अलग-अलग दिन मनाती हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में कृष्ण जन्माष्टमी कब है?

2026 में कृष्ण जन्माष्टमी शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को है। (नई दिल्ली)

कृष्ण जन्माष्टमी की तारीख अलग-अलग कैलेंडरों में कभी-कभी अलग क्यों दिखती है?

हिंदू त्योहार चंद्र तिथि के अनुसार मनाए जाते हैं, और तिथि घड़ी के अलग-अलग समय पर शुरू और समाप्त होती है। हर त्योहार का एक नियम होता है कि तिथि दिन के किस भाग में होनी चाहिए — सूर्योदय, मध्याह्न, संध्या या मध्यरात्रि। जब तिथि दो दिनों में फैली होती है, तो किसी दूसरे शहर या दूसरी परंपरा के अनुसार नियम लागू करने वाले कैलेंडर अलग दिन पर पहुंच सकते हैं। हम अपना इस्तेमाल किया गया नियम और तिथि का समय दिखाते हैं, ताकि आप खुद जांच सकें।