काली पूजा 2027

काली पूजा बंगाल, ओडिशा और असम में दिवाली वाली अमावस्या को ही मां काली के सम्मान में मनाई जाती है। उनकी पूजा मध्यरात्रि (निशीथ काल) में की जाती है।

2027 में काली पूजा गुरुवार, 28 अक्टूबर 2027 को है।

  • निशीथ काल (मध्यरात्रि पूजा): 28 अक्टू॰ 2027, 22:55 से 23:45 तक
  • अमावस्या प्रारंभ: 28 अक्टू॰ 2027, 20:48
  • अमावस्या समाप्त: 29 अक्टू॰ 2027, 19:06

कोलकाता के लिए तारीख और समय।

तारीख कैसे तय होती है

काली पूजा का पर्व आश्विन (अमांत) / कार्तिक (पूर्णिमांत) की अमावस्या को होता है। दिन इस नियम से तय होता है: मध्यरात्रि, यानी निशीथ काल (रात्रि का आठवां मुहूर्त) में व्याप्त तिथि। जब तिथि दो दिनों में उस समय को छूती है, तो जिस दिन वह अधिक समय तक व्याप्त रहती है, वही दिन लिया जाता है।

कोलकाता के लिए गणना। अलग-अलग शहरों और क्षेत्रीय परंपराओं में त्योहार की तारीख एक दिन आगे-पीछे हो सकती है; अंतिम निर्णय आपके कुल पुरोहित के पंचांग का ही मान्य है।

कैसे मनाया जाता है

घरों और पंडालों में रात भर दीपक, गुड़हल के फूल और भोग के साथ काली की प्रतिमाओं की पूजा होती है; कालीघाट, दक्षिणेश्वर और तारापीठ में भारी भीड़ उमड़ती है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में काली पूजा कब है?

2027 में काली पूजा गुरुवार, 28 अक्टूबर 2027 को है। (कोलकाता)

काली पूजा की तारीख अलग-अलग कैलेंडरों में कभी-कभी अलग क्यों दिखती है?

हिंदू त्योहार चंद्र तिथि के अनुसार मनाए जाते हैं, और तिथि घड़ी के अलग-अलग समय पर शुरू और समाप्त होती है। हर त्योहार का एक नियम होता है कि तिथि दिन के किस भाग में होनी चाहिए — सूर्योदय, मध्याह्न, संध्या या मध्यरात्रि। जब तिथि दो दिनों में फैली होती है, तो किसी दूसरे शहर या दूसरी परंपरा के अनुसार नियम लागू करने वाले कैलेंडर अलग दिन पर पहुंच सकते हैं। हम अपना इस्तेमाल किया गया नियम और तिथि का समय दिखाते हैं, ताकि आप खुद जांच सकें।