मकर संक्रांति 2025 — जलपाईगुड़ी

मकर संक्रांति निरयण मकर राशि में सूर्य के प्रवेश का पर्व है। यह उन गिने-चुने हिंदू त्योहारों में से है जो चंद्रमा से नहीं, सूर्य से तय होते हैं, इसलिए यह लगभग हर वर्ष 14 या 15 जनवरी को पड़ता है। इसी से उत्तरायण के शुभ छह महीने शुरू होते हैं।

2025 में मकर संक्रांति मंगलवार, 14 जनवरी 2025 को है।

  • सूर्य का मकर में प्रवेश: 14 जन॰ 2025, 08:56

जलपाईगुड़ी के लिए तारीख और समय।

तारीख कैसे तय होती है

मकर संक्रांति की तारीख इस नियम से तय होती है: सूर्य के राशि में प्रवेश का दिन — या प्रवेश सूर्यास्त के बाद हो तो अगला दिन।

जलपाईगुड़ी के लिए गणना। अलग-अलग शहरों और क्षेत्रीय परंपराओं में त्योहार की तारीख एक दिन आगे-पीछे हो सकती है; अंतिम निर्णय आपके कुल पुरोहित के पंचांग का ही मान्य है।

कैसे मनाया जाता है

लोग नदियों में पवित्र स्नान करते हैं — गंगासागर मेला और प्रयागराज का माघ मेला सबसे बड़े हैं — तिल, गुड़, खिचड़ी और कंबल का दान करते हैं, गुजरात और राजस्थान में पतंग उड़ाते हैं, और महाराष्ट्र में तिल-गुड़ की मिठाई बांटते हैं। सूर्य के प्रवेश के बाद के घंटे (पुण्य काल) स्नान और दान के लिए सबसे पुण्यदायी माने जाते हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2025 में मकर संक्रांति कब है?

2025 में मकर संक्रांति मंगलवार, 14 जनवरी 2025 को है। (जलपाईगुड़ी)

मकर संक्रांति की तारीख अलग-अलग कैलेंडरों में कभी-कभी अलग क्यों दिखती है?

हिंदू त्योहार चंद्र तिथि के अनुसार मनाए जाते हैं, और तिथि घड़ी के अलग-अलग समय पर शुरू और समाप्त होती है। हर त्योहार का एक नियम होता है कि तिथि दिन के किस भाग में होनी चाहिए — सूर्योदय, मध्याह्न, संध्या या मध्यरात्रि। जब तिथि दो दिनों में फैली होती है, तो किसी दूसरे शहर या दूसरी परंपरा के अनुसार नियम लागू करने वाले कैलेंडर अलग दिन पर पहुंच सकते हैं। हम अपना इस्तेमाल किया गया नियम और तिथि का समय दिखाते हैं, ताकि आप खुद जांच सकें।