नरक चतुर्दशी 2028 — भावनगर

नरक चतुर्दशी नरकासुर पर भगवान कृष्ण की विजय का उत्सव है। इसे रूप चौदस भी कहते हैं, और दक्षिण भारत में यही दीपावली का मुख्य दिन है।

2028 में नरक चतुर्दशी मंगलवार, 17 अक्टूबर 2028 को है।

  • अरुणोदय (भोर से पहले का स्नान): 17 अक्टू॰ 2028, 05:02 से 06:38 तक
  • कृष्ण चतुर्दशी प्रारंभ: 16 अक्टू॰ 2028, 15:45
  • कृष्ण चतुर्दशी समाप्त: 17 अक्टू॰ 2028, 12:05

भावनगर के लिए तारीख और समय।

तारीख कैसे तय होती है

नरक चतुर्दशी का पर्व आश्विन (अमांत) / कार्तिक (पूर्णिमांत) की कृष्ण चतुर्दशी को होता है। दिन इस नियम से तय होता है: भोर से पहले के अरुणोदय काल (सूर्योदय से 96 मिनट पहले) में व्याप्त तिथि। जब तिथि दो दिनों में उस समय को छूती है, तो जिस दिन वह अधिक समय तक व्याप्त रहती है, वही दिन लिया जाता है।

भावनगर के लिए गणना। अलग-अलग शहरों और क्षेत्रीय परंपराओं में त्योहार की तारीख एक दिन आगे-पीछे हो सकती है; अंतिम निर्णय आपके कुल पुरोहित के पंचांग का ही मान्य है।

कैसे मनाया जाता है

मुख्य अनुष्ठान अभ्यंग स्नान है — चतुर्दशी व्याप्त रहते सूर्योदय से पहले उबटन के साथ तेल स्नान। शाम को दीपक जलाए जाते हैं। काली चौदस की पूजा चतुर्दशी व्याप्त रहते मध्यरात्रि में होती है, इसलिए वह अक्सर एक दिन पहले की शाम पड़ती है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2028 में नरक चतुर्दशी कब है?

2028 में नरक चतुर्दशी मंगलवार, 17 अक्टूबर 2028 को है। (भावनगर)

नरक चतुर्दशी की तारीख अलग-अलग कैलेंडरों में कभी-कभी अलग क्यों दिखती है?

हिंदू त्योहार चंद्र तिथि के अनुसार मनाए जाते हैं, और तिथि घड़ी के अलग-अलग समय पर शुरू और समाप्त होती है। हर त्योहार का एक नियम होता है कि तिथि दिन के किस भाग में होनी चाहिए — सूर्योदय, मध्याह्न, संध्या या मध्यरात्रि। जब तिथि दो दिनों में फैली होती है, तो किसी दूसरे शहर या दूसरी परंपरा के अनुसार नियम लागू करने वाले कैलेंडर अलग दिन पर पहुंच सकते हैं। हम अपना इस्तेमाल किया गया नियम और तिथि का समय दिखाते हैं, ताकि आप खुद जांच सकें।