पितृ पक्ष 2019

पितृ पक्ष पूर्वजों को समर्पित पखवाड़ा है — आश्विन का कृष्ण पक्ष (अमांत पंचांग में भाद्रपद)। किसी दिवंगत परिजन का श्राद्ध उनकी मृत्यु तिथि को अपराह्न में किया जाता है।

2019 में पितृ पक्ष का पर्व शुक्रवार, 13 सितंबर 2019 से शनिवार, 28 सितंबर 2019 तक है।

पितृ पक्ष प्रारंभ: शनिवार, 14 सितंबर 2019

  • अपराह्न मुहूर्त: 14 सित॰ 2019, 13:30 से 15:59 तक
  • कृष्ण प्रतिपदा प्रारंभ: 14 सित॰ 2019, 10:02
  • कृष्ण प्रतिपदा समाप्त: 15 सित॰ 2019, 12:24

नई दिल्ली के लिए तारीख और समय।

पितृ पक्ष 2019 के सभी दिन

तारीखपर्व / अनुष्ठानतिथि / समय
शुक्रवार, 13 सित॰पूर्णिमा श्राद्धअपराह्न मुहूर्त: 13:31 से 16:00 तक
शनिवार, 14 सित॰पितृ पक्ष प्रारंभअपराह्न मुहूर्त: 13:30 से 15:59 तक
शनिवार, 14 सित॰प्रतिपदा श्राद्धअपराह्न मुहूर्त: 13:30 से 15:59 तक
रविवार, 15 सित॰द्वितीया श्राद्धअपराह्न मुहूर्त: 13:30 से 15:58 तक
मंगलवार, 17 सित॰तृतीया श्राद्धअपराह्न मुहूर्त: 13:29 से 15:56 तक
बुधवार, 18 सित॰चतुर्थी श्राद्धअपराह्न मुहूर्त: 13:28 से 15:56 तक
गुरुवार, 19 सित॰पंचमी श्राद्धअपराह्न मुहूर्त: 13:28 से 15:55 तक
शुक्रवार, 20 सित॰षष्ठी श्राद्धअपराह्न मुहूर्त: 13:27 से 15:54 तक
शनिवार, 21 सित॰सप्तमी श्राद्धअपराह्न मुहूर्त: 13:27 से 15:53 तक
रविवार, 22 सित॰अष्टमी श्राद्धअपराह्न मुहूर्त: 13:26 से 15:52 तक
सोमवार, 23 सित॰नवमी श्राद्धअपराह्न मुहूर्त: 13:26 से 15:51 तक
मंगलवार, 24 सित॰दशमी श्राद्धअपराह्न मुहूर्त: 13:25 से 15:50 तक
बुधवार, 25 सित॰एकादशी श्राद्धअपराह्न मुहूर्त: 13:25 से 14:09 तक
बुधवार, 25 सित॰द्वादशी श्राद्धअपराह्न मुहूर्त: 14:09 से 15:49 तक
गुरुवार, 26 सित॰त्रयोदशी श्राद्धअपराह्न मुहूर्त: 13:24 से 15:49 तक
शुक्रवार, 27 सित॰चतुर्दशी श्राद्धअपराह्न मुहूर्त: 13:24 से 15:48 तक
शनिवार, 28 सित॰अमावस्या श्राद्धअपराह्न मुहूर्त: 13:23 से 15:47 तक

तारीख कैसे तय होती है

पितृ पक्ष प्रारंभ का पर्व भाद्रपद (अमांत) / आश्विन (पूर्णिमांत) की कृष्ण प्रतिपदा को होता है। दिन इस नियम से तय होता है: अपराह्न (दिन का चौथा पांचवां भाग) में व्याप्त तिथि। जब तिथि दो दिनों में उस समय को छूती है, तो जिस दिन वह अधिक समय तक व्याप्त रहती है, वही दिन लिया जाता है।

नई दिल्ली के लिए गणना। अलग-अलग शहरों और क्षेत्रीय परंपराओं में त्योहार की तारीख एक दिन आगे-पीछे हो सकती है; अंतिम निर्णय आपके कुल पुरोहित के पंचांग का ही मान्य है।

कैसे मनाया जाता है

श्राद्ध तिथि पर परिवार तर्पण (तिल मिला जल), पिंडदान करते हैं और ब्राह्मणों, गायों, कौओं व कुत्तों को भोजन कराते हैं। इस पखवाड़े में आम तौर पर नई खरीदारी और उत्सवों से बचा जाता है। जिन्हें तिथि ज्ञात नहीं होती, वे महालया अमावस्या को श्राद्ध करते हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2019 में पितृ पक्ष कब है?

2019 में पितृ पक्ष का पर्व शुक्रवार, 13 सितंबर 2019 से शनिवार, 28 सितंबर 2019 तक है। (नई दिल्ली)

पितृ पक्ष की तारीख अलग-अलग कैलेंडरों में कभी-कभी अलग क्यों दिखती है?

हिंदू त्योहार चंद्र तिथि के अनुसार मनाए जाते हैं, और तिथि घड़ी के अलग-अलग समय पर शुरू और समाप्त होती है। हर त्योहार का एक नियम होता है कि तिथि दिन के किस भाग में होनी चाहिए — सूर्योदय, मध्याह्न, संध्या या मध्यरात्रि। जब तिथि दो दिनों में फैली होती है, तो किसी दूसरे शहर या दूसरी परंपरा के अनुसार नियम लागू करने वाले कैलेंडर अलग दिन पर पहुंच सकते हैं। हम अपना इस्तेमाल किया गया नियम और तिथि का समय दिखाते हैं, ताकि आप खुद जांच सकें।