पितृ पक्ष 2037
पितृ पक्ष पूर्वजों को समर्पित पखवाड़ा है — आश्विन का कृष्ण पक्ष (अमांत पंचांग में भाद्रपद)। किसी दिवंगत परिजन का श्राद्ध उनकी मृत्यु तिथि को अपराह्न में किया जाता है।
2037 में पितृ पक्ष का पर्व गुरुवार, 24 सितंबर 2037 से गुरुवार, 8 अक्टूबर 2037 तक है।
पितृ पक्ष प्रारंभ: शुक्रवार, 25 सितंबर 2037
- अपराह्न मुहूर्त: 25 सित॰ 2037, 13:24 से 15:49 तक
- कृष्ण प्रतिपदा प्रारंभ: 24 सित॰ 2037, 17:01
- कृष्ण प्रतिपदा समाप्त: 25 सित॰ 2037, 19:26
नई दिल्ली के लिए तारीख और समय।
पितृ पक्ष 2037 के सभी दिन
| तारीख | पर्व / अनुष्ठान | तिथि / समय |
|---|---|---|
| गुरुवार, 24 सित॰ | पूर्णिमा श्राद्ध | अपराह्न मुहूर्त: 13:25 से 15:50 तक |
| शुक्रवार, 25 सित॰ | पितृ पक्ष प्रारंभ | अपराह्न मुहूर्त: 13:24 से 15:49 तक |
| शुक्रवार, 25 सित॰ | प्रतिपदा श्राद्ध | अपराह्न मुहूर्त: 13:24 से 15:49 तक |
| शनिवार, 26 सित॰ | द्वितीया श्राद्ध | अपराह्न मुहूर्त: 13:24 से 15:48 तक |
| रविवार, 27 सित॰ | तृतीया श्राद्ध | अपराह्न मुहूर्त: 13:23 से 15:47 तक |
| सोमवार, 28 सित॰ | चतुर्थी श्राद्ध | अपराह्न मुहूर्त: 13:23 से 15:46 तक |
| मंगलवार, 29 सित॰ | पंचमी श्राद्ध | अपराह्न मुहूर्त: 13:22 से 15:46 तक |
| बुधवार, 30 सित॰ | षष्ठी श्राद्ध | अपराह्न मुहूर्त: 13:22 से 15:45 तक |
| गुरुवार, 1 अक्टू॰ | सप्तमी श्राद्ध | अपराह्न मुहूर्त: 13:21 से 15:44 तक |
| शुक्रवार, 2 अक्टू॰ | अष्टमी श्राद्ध | अपराह्न मुहूर्त: 13:21 से 15:43 तक |
| शनिवार, 3 अक्टू॰ | नवमी श्राद्ध | अपराह्न मुहूर्त: 13:20 से 15:42 तक |
| रविवार, 4 अक्टू॰ | दशमी श्राद्ध | अपराह्न मुहूर्त: 13:20 से 15:41 तक |
| सोमवार, 5 अक्टू॰ | एकादशी श्राद्ध | अपराह्न मुहूर्त: 13:19 से 15:41 तक |
| मंगलवार, 6 अक्टू॰ | द्वादशी श्राद्ध | अपराह्न मुहूर्त: 13:19 से 15:40 तक |
| बुधवार, 7 अक्टू॰ | त्रयोदशी श्राद्ध | अपराह्न मुहूर्त: 13:19 से 15:39 तक |
| गुरुवार, 8 अक्टू॰ | चतुर्दशी श्राद्ध | कृष्ण चतुर्दशी: 7 अक्टू॰ 2037, 15:42 से 8 अक्टू॰ 2037, 11:56 तक |
| गुरुवार, 8 अक्टू॰ | अमावस्या श्राद्ध | अपराह्न मुहूर्त: 13:18 से 15:38 तक |
तारीख कैसे तय होती है
पितृ पक्ष प्रारंभ का पर्व भाद्रपद (अमांत) / आश्विन (पूर्णिमांत) की कृष्ण प्रतिपदा को होता है। दिन इस नियम से तय होता है: अपराह्न (दिन का चौथा पांचवां भाग) में व्याप्त तिथि। जब तिथि दो दिनों में उस समय को छूती है, तो जिस दिन वह अधिक समय तक व्याप्त रहती है, वही दिन लिया जाता है।
नई दिल्ली के लिए गणना। अलग-अलग शहरों और क्षेत्रीय परंपराओं में त्योहार की तारीख एक दिन आगे-पीछे हो सकती है; अंतिम निर्णय आपके कुल पुरोहित के पंचांग का ही मान्य है।
कैसे मनाया जाता है
श्राद्ध तिथि पर परिवार तर्पण (तिल मिला जल), पिंडदान करते हैं और ब्राह्मणों, गायों, कौओं व कुत्तों को भोजन कराते हैं। इस पखवाड़े में आम तौर पर नई खरीदारी और उत्सवों से बचा जाता है। जिन्हें तिथि ज्ञात नहीं होती, वे महालया अमावस्या को श्राद्ध करते हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2037 में पितृ पक्ष कब है?
2037 में पितृ पक्ष का पर्व गुरुवार, 24 सितंबर 2037 से गुरुवार, 8 अक्टूबर 2037 तक है। (नई दिल्ली)
पितृ पक्ष की तारीख अलग-अलग कैलेंडरों में कभी-कभी अलग क्यों दिखती है?
हिंदू त्योहार चंद्र तिथि के अनुसार मनाए जाते हैं, और तिथि घड़ी के अलग-अलग समय पर शुरू और समाप्त होती है। हर त्योहार का एक नियम होता है कि तिथि दिन के किस भाग में होनी चाहिए — सूर्योदय, मध्याह्न, संध्या या मध्यरात्रि। जब तिथि दो दिनों में फैली होती है, तो किसी दूसरे शहर या दूसरी परंपरा के अनुसार नियम लागू करने वाले कैलेंडर अलग दिन पर पहुंच सकते हैं। हम अपना इस्तेमाल किया गया नियम और तिथि का समय दिखाते हैं, ताकि आप खुद जांच सकें।