जगन्नाथ रथ यात्रा 2027 — राजमहेंद्रवरम (राजमुंदरी)
पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को होती है। जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को विशाल लकड़ी के रथों में गुंडिचा मंदिर तक ले जाया जाता है।
2027 में जगन्नाथ रथ यात्रा सोमवार, 5 जुलाई 2027 को है।
- शुक्ल द्वितीया प्रारंभ: 5 जुल॰ 2027, 04:51
- शुक्ल द्वितीया समाप्त: 6 जुल॰ 2027, 01:14
राजमहेंद्रवरम (राजमुंदरी) के लिए तारीख और समय।
तारीख कैसे तय होती है
जगन्नाथ रथ यात्रा का पर्व आषाढ़ की शुक्ल द्वितीया को होता है। दिन इस नियम से तय होता है: सूर्योदय के समय व्याप्त तिथि (उदया तिथि)। जब तिथि दो दिनों में उस समय को छूती है, तो जिस दिन वह अधिक समय तक व्याप्त रहती है, वही दिन लिया जाता है।
राजमहेंद्रवरम (राजमुंदरी) के लिए गणना। अलग-अलग शहरों और क्षेत्रीय परंपराओं में त्योहार की तारीख एक दिन आगे-पीछे हो सकती है; अंतिम निर्णय आपके कुल पुरोहित के पंचांग का ही मान्य है।
कैसे मनाया जाता है
पुरी में लाखों श्रद्धालु रस्सियों से रथ खींचते हैं; पुरी के राजा रथों पर झाड़ू लगाते हैं (छेरा पहंरा)। अहमदाबाद, कोलकाता और दुनिया भर के इस्कॉन मंदिरों में भी छोटी रथ यात्राएं निकलती हैं। नौ दिन बाद बाहुड़ा यात्रा में देवता वापस लौटते हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2027 में जगन्नाथ रथ यात्रा कब है?
2027 में जगन्नाथ रथ यात्रा सोमवार, 5 जुलाई 2027 को है। (राजमहेंद्रवरम (राजमुंदरी))
जगन्नाथ रथ यात्रा की तारीख अलग-अलग कैलेंडरों में कभी-कभी अलग क्यों दिखती है?
हिंदू त्योहार चंद्र तिथि के अनुसार मनाए जाते हैं, और तिथि घड़ी के अलग-अलग समय पर शुरू और समाप्त होती है। हर त्योहार का एक नियम होता है कि तिथि दिन के किस भाग में होनी चाहिए — सूर्योदय, मध्याह्न, संध्या या मध्यरात्रि। जब तिथि दो दिनों में फैली होती है, तो किसी दूसरे शहर या दूसरी परंपरा के अनुसार नियम लागू करने वाले कैलेंडर अलग दिन पर पहुंच सकते हैं। हम अपना इस्तेमाल किया गया नियम और तिथि का समय दिखाते हैं, ताकि आप खुद जांच सकें।