शारदीय नवरात्रि 2045
शारदीय नवरात्रि, शरद ऋतु की नवरात्रि, सबसे व्यापक रूप से मनाई जाती है: आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से मां दुर्गा की उपासना की नौ रातें, जिनका समापन दसवें दिन दशहरे के साथ होता है।
2045 में शारदीय नवरात्रि का पर्व बुधवार, 11 अक्टूबर 2045 से गुरुवार, 19 अक्टूबर 2045 तक है।
घटस्थापना: बुधवार, 11 अक्टूबर 2045
- शुक्ल प्रतिपदा प्रारंभ: 10 अक्टू॰ 2045, 16:06
- शुक्ल प्रतिपदा समाप्त: 11 अक्टू॰ 2045, 13:29
नई दिल्ली के लिए तारीख और समय।
शारदीय नवरात्रि 2045 के सभी दिन
| तारीख | पर्व / अनुष्ठान | तिथि / समय |
|---|---|---|
| बुधवार, 11 अक्टू॰ | घटस्थापना | शुक्ल प्रतिपदा: 10 अक्टू॰ 2045, 16:06 से 11 अक्टू॰ 2045, 13:29 तक |
| बुधवार, 11 अक्टू॰ | नवरात्रि का दिन 1 — शैलपुत्री | शुक्ल प्रतिपदा: 10 अक्टू॰ 2045, 16:06 से 11 अक्टू॰ 2045, 13:29 तक |
| गुरुवार, 12 अक्टू॰ | नवरात्रि का दिन 2 — ब्रह्मचारिणी | शुक्ल द्वितीया: 11 अक्टू॰ 2045, 13:29 से 12 अक्टू॰ 2045, 11:19 तक |
| शुक्रवार, 13 अक्टू॰ | नवरात्रि का दिन 3 — चंद्रघंटा | शुक्ल तृतीया: 12 अक्टू॰ 2045, 11:19 से 13 अक्टू॰ 2045, 09:46 तक |
| शनिवार, 14 अक्टू॰ | नवरात्रि का दिन 4 — कूष्मांडा | शुक्ल चतुर्थी: 13 अक्टू॰ 2045, 09:46 से 14 अक्टू॰ 2045, 08:58 तक |
| रविवार, 15 अक्टू॰ | नवरात्रि का दिन 5 — स्कंदमाता | शुक्ल पंचमी: 14 अक्टू॰ 2045, 08:58 से 15 अक्टू॰ 2045, 08:58 तक |
| सोमवार, 16 अक्टू॰ | नवरात्रि का दिन 6 — कात्यायनी | शुक्ल षष्ठी: 15 अक्टू॰ 2045, 08:58 से 16 अक्टू॰ 2045, 09:48 तक |
| मंगलवार, 17 अक्टू॰ | नवरात्रि का दिन 7 — कालरात्रि | शुक्ल सप्तमी: 16 अक्टू॰ 2045, 09:48 से 17 अक्टू॰ 2045, 11:23 तक |
| बुधवार, 18 अक्टू॰ | नवरात्रि का दिन 8 — महागौरी | शुक्ल अष्टमी: 17 अक्टू॰ 2045, 11:23 से 18 अक्टू॰ 2045, 13:34 तक |
| गुरुवार, 19 अक्टू॰ | नवरात्रि का दिन 9 — सिद्धिदात्री | शुक्ल नवमी: 18 अक्टू॰ 2045, 13:34 से 19 अक्टू॰ 2045, 16:08 तक |
| शुक्रवार, 20 अक्टू॰ | दशहरा | अपराह्न मुहूर्त: 13:13 से 15:30 तक |
तारीख कैसे तय होती है
घटस्थापना का पर्व आश्विन की शुक्ल प्रतिपदा को होता है। दिन इस नियम से तय होता है: सूर्योदय के समय व्याप्त तिथि (उदया तिथि)। जब तिथि दो दिनों में उस समय को छूती है, तो जिस दिन वह अधिक समय तक व्याप्त रहती है, वही दिन लिया जाता है।
नई दिल्ली के लिए गणना। अलग-अलग शहरों और क्षेत्रीय परंपराओं में त्योहार की तारीख एक दिन आगे-पीछे हो सकती है; अंतिम निर्णय आपके कुल पुरोहित के पंचांग का ही मान्य है।
कैसे मनाया जाता है
पहले दिन सुबह घटस्थापना की जाती है; भक्त उपवास रखते हैं, हर दिन दुर्गा के नौ रूपों में से एक की पूजा करते हैं, गुजरात में गरबा और डांडिया, उत्तर भारत में रामलीला, और अष्टमी या नवमी को कन्या पूजन होता है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2045 में शारदीय नवरात्रि कब है?
2045 में शारदीय नवरात्रि का पर्व बुधवार, 11 अक्टूबर 2045 से गुरुवार, 19 अक्टूबर 2045 तक है। (नई दिल्ली)
शारदीय नवरात्रि की तारीख अलग-अलग कैलेंडरों में कभी-कभी अलग क्यों दिखती है?
हिंदू त्योहार चंद्र तिथि के अनुसार मनाए जाते हैं, और तिथि घड़ी के अलग-अलग समय पर शुरू और समाप्त होती है। हर त्योहार का एक नियम होता है कि तिथि दिन के किस भाग में होनी चाहिए — सूर्योदय, मध्याह्न, संध्या या मध्यरात्रि। जब तिथि दो दिनों में फैली होती है, तो किसी दूसरे शहर या दूसरी परंपरा के अनुसार नियम लागू करने वाले कैलेंडर अलग दिन पर पहुंच सकते हैं। हम अपना इस्तेमाल किया गया नियम और तिथि का समय दिखाते हैं, ताकि आप खुद जांच सकें।