शरद पूर्णिमा 2027
आश्विन की पूर्णिमा, शरद पूर्णिमा, के बारे में कहा जाता है कि यह वर्ष की वह एकमात्र रात है जब चंद्रमा अपनी सभी सोलह कलाओं से चमकता है। बंगाल और ओडिशा में यह कोजागरी लक्ष्मी पूजा भी है।
2027 में शरद पूर्णिमा गुरुवार, 14 अक्टूबर 2027 को है।
- निशीथ काल (मध्यरात्रि पूजा): 14 अक्टू॰ 2027, 23:42 से 15 अक्टू॰ 2027, 00:32 तक
- पूर्णिमा प्रारंभ: 14 अक्टू॰ 2027, 18:49
- पूर्णिमा समाप्त: 15 अक्टू॰ 2027, 19:16
नई दिल्ली के लिए तारीख और समय।
तारीख कैसे तय होती है
शरद पूर्णिमा का पर्व आश्विन की पूर्णिमा को होता है। दिन इस नियम से तय होता है: मध्यरात्रि, यानी निशीथ काल (रात्रि का आठवां मुहूर्त) में व्याप्त तिथि। जब तिथि दो दिनों में उस समय को छूती है, तो जिस दिन वह अधिक समय तक व्याप्त रहती है, वही दिन लिया जाता है।
नई दिल्ली के लिए गणना। अलग-अलग शहरों और क्षेत्रीय परंपराओं में त्योहार की तारीख एक दिन आगे-पीछे हो सकती है; अंतिम निर्णय आपके कुल पुरोहित के पंचांग का ही मान्य है।
कैसे मनाया जाता है
खीर को रात भर चांदनी में रखा जाता है और अगली सुबह प्रसाद के रूप में खाया जाता है; भक्त लक्ष्मी की पूजा करते हैं और रात भर जागते हैं (कोजागर — "कौन जाग रहा है?")।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2027 में शरद पूर्णिमा कब है?
2027 में शरद पूर्णिमा गुरुवार, 14 अक्टूबर 2027 को है। (नई दिल्ली)
शरद पूर्णिमा की तारीख अलग-अलग कैलेंडरों में कभी-कभी अलग क्यों दिखती है?
हिंदू त्योहार चंद्र तिथि के अनुसार मनाए जाते हैं, और तिथि घड़ी के अलग-अलग समय पर शुरू और समाप्त होती है। हर त्योहार का एक नियम होता है कि तिथि दिन के किस भाग में होनी चाहिए — सूर्योदय, मध्याह्न, संध्या या मध्यरात्रि। जब तिथि दो दिनों में फैली होती है, तो किसी दूसरे शहर या दूसरी परंपरा के अनुसार नियम लागू करने वाले कैलेंडर अलग दिन पर पहुंच सकते हैं। हम अपना इस्तेमाल किया गया नियम और तिथि का समय दिखाते हैं, ताकि आप खुद जांच सकें।