2025 में ग्रहण — लखनऊ

2025 के सभी सूर्य और चंद्र ग्रहण, लखनऊ के लिए समय और दृश्यता के साथ। सूतक केवल वहीं लगता है जहां ग्रहण वास्तव में दिखाई देता है।

लखनऊ से दिखने वाला अगला ग्रहण: 2 अगस्त 2027 को आंशिक सूर्य ग्रहण

सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य को कभी सीधे या साधारण धूप के चश्मे से न देखें — प्रमाणित ग्रहण चश्मे या पिनहोल प्रोजेक्टर का उपयोग करें। चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखना सुरक्षित है।

पूर्ण चंद्र ग्रहण — 14 मार्च 2025

लखनऊ से दिखाई नहीं देताबीत चुका

अधिकतम (वैश्विक)
14 मार्च 2025, 12:28
उपच्छाया चरण
14 मार्च 2025, 09:27 से 15:30 तक
आंशिक (प्रच्छाया) चरण
14 मार्च 2025, 10:39 से 14:18 तक
पूर्णता
14 मार्च 2025, 11:55 से 13:02 तक
सूतक
लखनऊ में सूतक नहीं

आंशिक सूर्य ग्रहण — 29 मार्च 2025

लखनऊ से दिखाई नहीं देताबीत चुका

अधिकतम (वैश्विक)
29 मार्च 2025, 16:17
सूतक
लखनऊ में सूतक नहीं

पूर्ण चंद्र ग्रहण — 7 सितंबर 2025

लखनऊ से दिखाई देता हैबीत चुका

लखनऊ से दृश्य
7 सित॰ 2025, 21:56 से 8 सित॰ 2025, 01:26 तक
अधिकतम (वैश्विक)
7 सित॰ 2025, 23:41
उपच्छाया चरण
7 सित॰ 2025, 20:58 से 8 सित॰ 2025, 02:25 तक
आंशिक (प्रच्छाया) चरण
7 सित॰ 2025, 21:56 से 8 सित॰ 2025, 01:26 तक
पूर्णता
7 सित॰ 2025, 23:00 से 8 सित॰ 2025, 00:23 तक
सूतक
7 सित॰ 2025, 12:56 से 8 सित॰ 2025, 01:26 तक

आंशिक सूर्य ग्रहण — 22 सितंबर 2025

लखनऊ से दिखाई नहीं देताबीत चुका

अधिकतम (वैश्विक)
22 सित॰ 2025, 01:11
सूतक
लखनऊ में सूतक नहीं

सूतक और ग्रहण से जुड़ी परंपराएं

हिंदू परंपरा में ग्रहण से पहले की अवधि को सूतक कहा जाता है। यह सूर्य ग्रहण से 12 घंटे (4 प्रहर) पहले और चंद्र ग्रहण से 9 घंटे (3 प्रहर) पहले शुरू होता है, और केवल वहीं लगता है जहां ग्रहण दिखाई देता है। कई परिवार सूतक के दौरान भोजन बनाने और खाने से बचते हैं, रखे हुए भोजन में तुलसी के पत्ते डालते हैं, ग्रहण के दौरान जप या ध्यान करते हैं, और ग्रहण समाप्त होने पर स्नान और दान करते हैं। बच्चों, बुज़ुर्गों, बीमारों और गर्भवती महिलाओं को परंपरागत रूप से उपवास के नियमों से छूट होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2025 में कितने ग्रहण हैं?

2025 में 2 सूर्य ग्रहण और 2 चंद्र ग्रहण हैं।

लखनऊ से दिखने वाला अगला ग्रहण कब है?

लखनऊ से दिखने वाला अगला ग्रहण 2 अगस्त 2027 को होने वाला आंशिक सूर्य ग्रहण है।