2026 में ग्रहण — पटना
2026 के सभी सूर्य और चंद्र ग्रहण, पटना के लिए समय और दृश्यता के साथ। सूतक केवल वहीं लगता है जहां ग्रहण वास्तव में दिखाई देता है।
पटना से दिखने वाला अगला ग्रहण: 2 अगस्त 2027 को आंशिक सूर्य ग्रहण
सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य को कभी सीधे या साधारण धूप के चश्मे से न देखें — प्रमाणित ग्रहण चश्मे या पिनहोल प्रोजेक्टर का उपयोग करें। चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखना सुरक्षित है।
वलयाकार सूर्य ग्रहण — 17 फ़रवरी 2026
पटना से दिखाई नहीं देताबीत चुका
- अधिकतम (वैश्विक)
- 17 फ़र॰ 2026, 17:42
- सूतक
- पटना में सूतक नहीं
पूर्ण चंद्र ग्रहण — 3 मार्च 2026
पटना से दिखाई देता हैबीत चुका
- पटना से दृश्य
- 3 मार्च 2026, 17:50 से 18:47 तक
- अधिकतम (वैश्विक)
- 3 मार्च 2026, 17:03
- उपच्छाया चरण
- 3 मार्च 2026, 14:14 से 19:53 तक
- आंशिक (प्रच्छाया) चरण
- 3 मार्च 2026, 15:19 से 18:47 तक
- पूर्णता
- 3 मार्च 2026, 16:34 से 17:33 तक
- सूतक
- 3 मार्च 2026, 08:50 से 18:47 तक
पूर्ण सूर्य ग्रहण — 12 अगस्त 2026
पटना से दिखाई नहीं देताबीत चुका
- अधिकतम (वैश्विक)
- 12 अग॰ 2026, 23:15
- सूतक
- पटना में सूतक नहीं
आंशिक चंद्र ग्रहण — 28 अगस्त 2026
पटना से दिखाई नहीं देताबीत चुका
- अधिकतम (वैश्विक)
- 28 अग॰ 2026, 09:42
- उपच्छाया चरण
- 28 अग॰ 2026, 06:53 से 12:32 तक
- आंशिक (प्रच्छाया) चरण
- 28 अग॰ 2026, 08:03 से 11:22 तक
- सूतक
- पटना में सूतक नहीं
सूतक और ग्रहण से जुड़ी परंपराएं
हिंदू परंपरा में ग्रहण से पहले की अवधि को सूतक कहा जाता है। यह सूर्य ग्रहण से 12 घंटे (4 प्रहर) पहले और चंद्र ग्रहण से 9 घंटे (3 प्रहर) पहले शुरू होता है, और केवल वहीं लगता है जहां ग्रहण दिखाई देता है। कई परिवार सूतक के दौरान भोजन बनाने और खाने से बचते हैं, रखे हुए भोजन में तुलसी के पत्ते डालते हैं, ग्रहण के दौरान जप या ध्यान करते हैं, और ग्रहण समाप्त होने पर स्नान और दान करते हैं। बच्चों, बुज़ुर्गों, बीमारों और गर्भवती महिलाओं को परंपरागत रूप से उपवास के नियमों से छूट होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2026 में कितने ग्रहण हैं?
2026 में 2 सूर्य ग्रहण और 2 चंद्र ग्रहण हैं।
पटना से दिखने वाला अगला ग्रहण कब है?
पटना से दिखने वाला अगला ग्रहण 2 अगस्त 2027 को होने वाला आंशिक सूर्य ग्रहण है।