2064 में ग्रहण
2064 के सभी सूर्य और चंद्र ग्रहण, नई दिल्ली के लिए समय और दृश्यता के साथ। सूतक केवल वहीं लगता है जहां ग्रहण वास्तव में दिखाई देता है।
नई दिल्ली से दिखने वाला अगला ग्रहण: 2 अगस्त 2027 को आंशिक सूर्य ग्रहण
सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य को कभी सीधे या साधारण धूप के चश्मे से न देखें — प्रमाणित ग्रहण चश्मे या पिनहोल प्रोजेक्टर का उपयोग करें। चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखना सुरक्षित है।
आंशिक चंद्र ग्रहण — 3 फ़रवरी 2064
नई दिल्ली से दिखाई देता है
- नई दिल्ली से दृश्य
- 3 फ़र॰ 2064, 02:54 से 03:40 तक
- अधिकतम (वैश्विक)
- 3 फ़र॰ 2064, 03:17
- उपच्छाया चरण
- 3 फ़र॰ 2064, 01:12 से 05:22 तक
- आंशिक (प्रच्छाया) चरण
- 3 फ़र॰ 2064, 02:54 से 03:40 तक
- सूतक
- 2 फ़र॰ 2064, 17:54 से 3 फ़र॰ 2064, 03:40 तक
वलयाकार सूर्य ग्रहण — 17 फ़रवरी 2064
नई दिल्ली से दिखाई देता है
- नई दिल्ली से दृश्य
- 17 फ़र॰ 2064, 11:45 से 15:04 तक
- सूर्य का ढका भाग
- अधिकतम पर 65%
- अधिकतम (वैश्विक)
- 17 फ़र॰ 2064, 12:29
- सूतक
- 16 फ़र॰ 2064, 23:45 से 17 फ़र॰ 2064, 15:04 तक
आंशिक चंद्र ग्रहण — 28 जुलाई 2064
नई दिल्ली से दिखाई नहीं देता
- अधिकतम (वैश्विक)
- 28 जुल॰ 2064, 13:21
- उपच्छाया चरण
- 28 जुल॰ 2064, 10:58 से 15:43 तक
- आंशिक (प्रच्छाया) चरण
- 28 जुल॰ 2064, 12:42 से 14:00 तक
- सूतक
- नई दिल्ली में सूतक नहीं
पूर्ण सूर्य ग्रहण — 12 अगस्त 2064
नई दिल्ली से दिखाई नहीं देता
- अधिकतम (वैश्विक)
- 12 अग॰ 2064, 23:14
- सूतक
- नई दिल्ली में सूतक नहीं
सूतक और ग्रहण से जुड़ी परंपराएं
हिंदू परंपरा में ग्रहण से पहले की अवधि को सूतक कहा जाता है। यह सूर्य ग्रहण से 12 घंटे (4 प्रहर) पहले और चंद्र ग्रहण से 9 घंटे (3 प्रहर) पहले शुरू होता है, और केवल वहीं लगता है जहां ग्रहण दिखाई देता है। कई परिवार सूतक के दौरान भोजन बनाने और खाने से बचते हैं, रखे हुए भोजन में तुलसी के पत्ते डालते हैं, ग्रहण के दौरान जप या ध्यान करते हैं, और ग्रहण समाप्त होने पर स्नान और दान करते हैं। बच्चों, बुज़ुर्गों, बीमारों और गर्भवती महिलाओं को परंपरागत रूप से उपवास के नियमों से छूट होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2064 में कितने ग्रहण हैं?
2064 में 2 सूर्य ग्रहण और 2 चंद्र ग्रहण हैं।
नई दिल्ली से दिखने वाला अगला ग्रहण कब है?
नई दिल्ली से दिखने वाला अगला ग्रहण 2 अगस्त 2027 को होने वाला आंशिक सूर्य ग्रहण है।