2097 में ग्रहण

2097 के सभी सूर्य और चंद्र ग्रहण, नई दिल्ली के लिए समय और दृश्यता के साथ। सूतक केवल वहीं लगता है जहां ग्रहण वास्तव में दिखाई देता है।

नई दिल्ली से दिखने वाला अगला ग्रहण: 2 अगस्त 2027 को आंशिक सूर्य ग्रहण

सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य को कभी सीधे या साधारण धूप के चश्मे से न देखें — प्रमाणित ग्रहण चश्मे या पिनहोल प्रोजेक्टर का उपयोग करें। चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखना सुरक्षित है।

आंशिक चंद्र ग्रहण — 26 अप्रैल 2097

नई दिल्ली से दिखाई देता है

नई दिल्ली से दृश्य
26 अप्रैल 2097, 18:52 से 19:24 तक
अधिकतम (वैश्विक)
26 अप्रैल 2097, 17:46
उपच्छाया चरण
26 अप्रैल 2097, 14:54 से 20:39 तक
आंशिक (प्रच्छाया) चरण
26 अप्रैल 2097, 16:08 से 19:24 तक
सूतक
26 अप्रैल 2097, 09:52 से 19:24 तक

पूर्ण सूर्य ग्रहण — 12 मई 2097

नई दिल्ली से दिखाई नहीं देता

अधिकतम (वैश्विक)
12 मई 2097, 00:03
सूतक
नई दिल्ली में सूतक नहीं

पूर्ण चंद्र ग्रहण — 21 अक्टूबर 2097

नई दिल्ली से दिखाई देता है

नई दिल्ली से दृश्य
21 अक्टू॰ 2097, 05:21 से 06:28 तक
अधिकतम (वैश्विक)
21 अक्टू॰ 2097, 06:59
उपच्छाया चरण
21 अक्टू॰ 2097, 04:17 से 09:41 तक
आंशिक (प्रच्छाया) चरण
21 अक्टू॰ 2097, 05:21 से 08:37 तक
पूर्णता
21 अक्टू॰ 2097, 06:49 से 07:08 तक
सूतक
20 अक्टू॰ 2097, 20:21 से 21 अक्टू॰ 2097, 06:28 तक

वलयाकार सूर्य ग्रहण — 4 नवंबर 2097

नई दिल्ली से दिखाई नहीं देता

अधिकतम (वैश्विक)
4 नव॰ 2097, 07:29
सूतक
नई दिल्ली में सूतक नहीं

सूतक और ग्रहण से जुड़ी परंपराएं

हिंदू परंपरा में ग्रहण से पहले की अवधि को सूतक कहा जाता है। यह सूर्य ग्रहण से 12 घंटे (4 प्रहर) पहले और चंद्र ग्रहण से 9 घंटे (3 प्रहर) पहले शुरू होता है, और केवल वहीं लगता है जहां ग्रहण दिखाई देता है। कई परिवार सूतक के दौरान भोजन बनाने और खाने से बचते हैं, रखे हुए भोजन में तुलसी के पत्ते डालते हैं, ग्रहण के दौरान जप या ध्यान करते हैं, और ग्रहण समाप्त होने पर स्नान और दान करते हैं। बच्चों, बुज़ुर्गों, बीमारों और गर्भवती महिलाओं को परंपरागत रूप से उपवास के नियमों से छूट होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2097 में कितने ग्रहण हैं?

2097 में 2 सूर्य ग्रहण और 2 चंद्र ग्रहण हैं।

नई दिल्ली से दिखने वाला अगला ग्रहण कब है?

नई दिल्ली से दिखने वाला अगला ग्रहण 2 अगस्त 2027 को होने वाला आंशिक सूर्य ग्रहण है।