गृह प्रवेश मुहूर्त 2004

2004 में नई दिल्ली के लिए गृह प्रवेश के 31 शुभ दिन, उन समय-अवधियों के साथ जिनमें सभी शर्तें पूरी होती हैं।

जनवरी 2004 · 2 दिन

तारीखमुहूर्त
सोमवार, 26 जन॰
07:12 – 19:44
नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद · तिथि: शुक्ल पंचमी
शनिवार, 31 जन॰
14:46 – 07:09 (1 फ़र॰)
नक्षत्र: रोहिणी · तिथि: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी

फ़रवरी 2004 · 4 दिन

तारीखमुहूर्त
सोमवार, 2 फ़र॰
07:09 – 08:43
नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: शुक्ल एकादशी
सोमवार, 9 फ़र॰
07:04 – 13:23
नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथि: कृष्ण तृतीया
बुधवार, 11 फ़र॰
07:03 – 11:12
नक्षत्र: चित्रा · तिथि: कृष्ण पंचमी
सोमवार, 23 फ़र॰
06:53 – 12:46
नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद · तिथि: शुक्ल तृतीया

मार्च 2004 · 3 दिन

तारीखमुहूर्त
सोमवार, 8 मार्च
06:38 – 10:48
नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथि: कृष्ण द्वितीया
शुक्रवार, 12 मार्च
17:39 – 04:22 (13 मार्च)
नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: कृष्ण सप्तमी
सोमवार, 15 मार्च
00:29 (16 मार्च) – 06:29 (16 मार्च)
नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा · तिथि: कृष्ण दशमी

अप्रैल 2004 · 3 दिन

तारीखमुहूर्त
गुरुवार, 22 अप्रैल
14:32 – 00:47 (23 अप्रैल)
नक्षत्र: रोहिणी · तिथि: शुक्ल तृतीया
शुक्रवार, 23 अप्रैल
03:18 (24 अप्रैल) – 05:46 (24 अप्रैल)
नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: शुक्ल पंचमी
शनिवार, 24 अप्रैल
05:46 – 20:36
नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: शुक्ल पंचमी

मई 2004 · 10 दिन

तारीखमुहूर्त
शनिवार, 1 मई
06:59 – 11:38
नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथि: शुक्ल एकादशी
सोमवार, 3 मई
05:38 – 07:54
नक्षत्र: चित्रा · तिथि: शुक्ल त्रयोदशी
बुधवार, 5 मई
22:13 – 05:36 (6 मई)
नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया
गुरुवार, 6 मई
05:36 – 19:33
नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया
सोमवार, 10 मई
07:12 – 10:54
नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा · तिथि: कृष्ण सप्तमी
शुक्रवार, 14 मई
10:21 – 03:44 (15 मई)
नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद · तिथि: कृष्ण एकादशी
गुरुवार, 20 मई
12:45 – 05:27 (21 मई)
नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा · तिथि: शुक्ल द्वितीया
शुक्रवार, 21 मई
05:27 – 03:15 (22 मई)
नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया
शुक्रवार, 28 मई
01:19 (29 मई) – 05:24 (29 मई)
नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथि: शुक्ल दशमी
शनिवार, 29 मई
05:24 – 15:50
नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथि: शुक्ल दशमी

जून 2004 · 0 दिन

जून में कोई भी दिन सभी शर्तें पूरी नहीं करता।

जुलाई 2004 · 0 दिन

जुलाई में कोई भी दिन सभी शर्तें पूरी नहीं करता।

अगस्त 2004 · 0 दिन

अगस्त में कोई भी दिन सभी शर्तें पूरी नहीं करता।

सितंबर 2004 · 0 दिन

सितंबर में कोई भी दिन सभी शर्तें पूरी नहीं करता।

अक्टूबर 2004 · 0 दिन

अक्टूबर में कोई भी दिन सभी शर्तें पूरी नहीं करता।

नवंबर 2004 · 4 दिन

तारीखमुहूर्त
शनिवार, 13 नव॰
17:01 – 04:38 (14 नव॰)
नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: शुक्ल द्वितीया
सोमवार, 22 नव॰
06:49 – 21:06
नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद, रेवती · तिथि: शुक्ल एकादशी
शुक्रवार, 26 नव॰
01:37 (27 नव॰) – 06:53 (27 नव॰)
नक्षत्र: रोहिणी · तिथि: कृष्ण प्रतिपदा
शनिवार, 27 नव॰
06:53 – 06:54 (28 नव॰)
नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा · तिथि: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया

दिसंबर 2004 · 5 दिन

तारीखमुहूर्त
सोमवार, 6 दिस॰
19:28 – 21:33
नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथि: कृष्ण दशमी
बुधवार, 8 दिस॰
07:01 – 18:05
नक्षत्र: चित्रा · तिथि: कृष्ण एकादशी
सोमवार, 20 दिस॰
10:01 – 23:46
नक्षत्र: रेवती · तिथि: शुक्ल दशमी
गुरुवार, 23 दिस॰
05:50 (24 दिस॰) – 07:11 (24 दिस॰)
नक्षत्र: रोहिणी · तिथि: शुक्ल त्रयोदशी
शुक्रवार, 24 दिस॰
07:11 – 15:52
नक्षत्र: रोहिणी · तिथि: शुक्ल त्रयोदशी

नई दिल्ली के लिए गणना। समय-अवधियां स्थानीय समय में दिखाई गई हैं; जो अवधि मध्यरात्रि पार करती है, वह उसी दिन की मानी जाती है जिस दिन वह शुरू होती है (हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है)।

प्रयुक्त नियम

गृह प्रवेश, यानी नए घर में पहली बार प्रवेश, गृहस्थी के सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठानों में से एक है, और मुहूर्त चिंतामणि में इसके लिए अलग नियम दिए गए हैं। अच्छे मुहूर्त में स्थिर या मृदु नक्षत्र, अनुकूल तिथि और वार, और मुहूर्त चिंतामणि द्वारा सुझाए गए चंद्र मासों में से कोई एक होना चाहिए; जिन महीनों में शुक्र या गुरु अस्त हों, उनसे बचा जाता है।

  • चंद्रमा का नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
  • तिथि (शुक्ल पक्ष): द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी; (कृष्ण पक्ष): प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी
  • वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार
  • चंद्र मास (अमांत): माघ, फाल्गुन, वैशाख, ज्येष्ठ, कार्तिक, मार्गशीर्ष
  • अधिक मास (मलमास) में कोई मुहूर्त नहीं
  • शुक्र या गुरु के अस्त (तारा अस्त) रहने पर, और अस्त होने से पहले तथा उदय होने के बाद के 3 दिनों में कोई मुहूर्त नहीं

ये सामान्य रूप से शुभ समय-अवधियां हैं। किसी संस्कार के लिए ज्योतिषी चुने गए क्षण का लग्न और संबंधित व्यक्तियों का तारा बल व चंद्र बल भी देखते हैं — एक ही अवधि किसी एक व्यक्ति के लिए दूसरे की तुलना में अधिक अनुकूल हो सकती है।

ज्योतिषी से अपना व्यक्तिगत मुहूर्त निकलवाएं किसी अनुभवी ज्योतिषी से बात करें।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2004 में गृह प्रवेश के कितने मुहूर्त हैं?

इस पेज पर दिए गए नियमों के अनुसार 2004 में नई दिल्ली के लिए गृह प्रवेश के 31 शुभ दिन हैं।

कुछ महीनों में कोई मुहूर्त क्यों नहीं होता?

मौसमी निषेधों के कारण लंबी अवधियां वर्जित हो जाती हैं: खरमास (सूर्य धनु या मीन राशि में), चातुर्मास, अधिक मास, और वे अवधियां जब शुक्र या गुरु अस्त होते हैं। बचे हुए दिनों में भी उपयुक्त नक्षत्र और तिथि का एक साथ होना ज़रूरी है।