विवाह मुहूर्त 2080

2080 में नई दिल्ली के लिए विवाह के 29 शुभ दिन, उन समय-अवधियों के साथ जिनमें सभी शर्तें पूरी होती हैं।

विवाह का अगला मुहूर्त: शुक्रवार, 9 फ़रवरी 2080 — 07:04 – 21:27

जनवरी 2080 · 0 दिन

जनवरी में कोई भी दिन सभी शर्तें पूरी नहीं करता।

फ़रवरी 2080 · 10 दिन

तारीखमुहूर्त
शुक्रवार, 9 फ़र॰
07:04 – 21:27
नक्षत्र: हस्त · तिथि: कृष्ण चतुर्थी, कृष्ण पंचमी
रविवार, 11 फ़र॰
19:48 – 03:54 (12 फ़र॰)
नक्षत्र: स्वाति · तिथि: कृष्ण सप्तमी
सोमवार, 12 फ़र॰
05:57 (13 फ़र॰) – 07:01 (13 फ़र॰)
नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: कृष्ण अष्टमी
मंगलवार, 13 फ़र॰
07:01 – 19:36
नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: कृष्ण अष्टमी, कृष्ण नवमी
गुरुवार, 15 फ़र॰
18:11 – 21:07
नक्षत्र: मूल · तिथि: कृष्ण एकादशी
शनिवार, 17 फ़र॰
17:25 – 22:50
नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा · तिथि: कृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशी
गुरुवार, 22 फ़र॰
04:00 (23 फ़र॰) – 06:52 (23 फ़र॰)
नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद · तिथि: शुक्ल तृतीया
शुक्रवार, 23 फ़र॰
06:52 – 06:51 (24 फ़र॰)
नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद, रेवती · तिथि: शुक्ल तृतीया, शुक्ल चतुर्थी
शनिवार, 24 फ़र॰
06:51 – 16:21
नक्षत्र: रेवती · तिथि: शुक्ल चतुर्थी
गुरुवार, 29 फ़र॰
11:15 – 02:12 (1 मार्च)
नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: शुक्ल नवमी, शुक्ल दशमी

मार्च 2080 · 7 दिन

तारीखमुहूर्त
सोमवार, 4 मार्च
23:11 – 06:41 (5 मार्च)
नक्षत्र: मघा · तिथि: शुक्ल चतुर्दशी
मंगलवार, 5 मार्च
06:41 – 07:36
नक्षत्र: मघा · तिथि: शुक्ल चतुर्दशी
गुरुवार, 7 मार्च
06:05 (8 मार्च) – 06:37 (8 मार्च)
नक्षत्र: हस्त · तिथि: कृष्ण तृतीया
शुक्रवार, 8 मार्च
06:37 – 12:04
नक्षत्र: हस्त · तिथि: कृष्ण तृतीया
शनिवार, 9 मार्च
12:06 – 03:02 (10 मार्च)
नक्षत्र: स्वाति · तिथि: कृष्ण चतुर्थी, कृष्ण पंचमी
सोमवार, 11 मार्च
14:22 – 01:47 (12 मार्च)
नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: कृष्ण षष्ठी
बुधवार, 13 मार्च
01:47 (14 मार्च) – 03:17 (14 मार्च)
नक्षत्र: मूल · तिथि: कृष्ण अष्टमी

अप्रैल 2080 · 0 दिन

अप्रैल में कोई भी दिन सभी शर्तें पूरी नहीं करता।

मई 2080 · 0 दिन

मई में कोई भी दिन सभी शर्तें पूरी नहीं करता।

जून 2080 · 3 दिन

तारीखमुहूर्त
शनिवार, 22 जून
17:49 – 18:27
नक्षत्र: मघा · तिथि: शुक्ल षष्ठी
सोमवार, 24 जून
14:43 – 05:25 (25 जून)
नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी, हस्त · तिथि: शुक्ल अष्टमी, शुक्ल नवमी
मंगलवार, 25 जून
05:25 – 11:30
नक्षत्र: हस्त · तिथि: शुक्ल नवमी

जुलाई 2080 · 0 दिन

जुलाई में कोई भी दिन सभी शर्तें पूरी नहीं करता।

अगस्त 2080 · 0 दिन

अगस्त में कोई भी दिन सभी शर्तें पूरी नहीं करता।

सितंबर 2080 · 0 दिन

सितंबर में कोई भी दिन सभी शर्तें पूरी नहीं करता।

अक्टूबर 2080 · 0 दिन

अक्टूबर में कोई भी दिन सभी शर्तें पूरी नहीं करता।

नवंबर 2080 · 2 दिन

तारीखमुहूर्त
बुधवार, 27 नव॰
09:15 – 06:54 (28 नव॰)
नक्षत्र: रोहिणी · तिथि: पूर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा
गुरुवार, 28 नव॰
06:54 – 05:49 (29 नव॰)
नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा · तिथि: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया

दिसंबर 2080 · 7 दिन

तारीखमुहूर्त
बुधवार, 4 दिस॰
19:51 – 06:59 (5 दिस॰)
नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथि: कृष्ण नवमी
गुरुवार, 5 दिस॰
06:59 – 01:30 (6 दिस॰)
नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी, हस्त · तिथि: कृष्ण नवमी, कृष्ण दशमी
शुक्रवार, 6 दिस॰
13:00 – 18:46
नक्षत्र: हस्त · तिथि: कृष्ण एकादशी
शनिवार, 7 दिस॰
18:43 – 07:01 (8 दिस॰)
नक्षत्र: स्वाति · तिथि: कृष्ण द्वादशी
रविवार, 8 दिस॰
07:01 – 09:18
नक्षत्र: स्वाति · तिथि: कृष्ण द्वादशी
शुक्रवार, 13 दिस॰
02:00 (14 दिस॰) – 07:05 (14 दिस॰)
नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा · तिथि: शुक्ल तृतीया
शनिवार, 14 दिस॰
07:05 – 04:40 (15 दिस॰)
नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा · तिथि: शुक्ल तृतीया, शुक्ल चतुर्थी

नई दिल्ली के लिए गणना। समय-अवधियां स्थानीय समय में दिखाई गई हैं; जो अवधि मध्यरात्रि पार करती है, वह उसी दिन की मानी जाती है जिस दिन वह शुरू होती है (हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है)।

प्रयुक्त नियम

हिंदू विवाह परंपरागत रूप से पंचांग से चुने गए मुहूर्त में होते हैं। शास्त्रीय ग्रंथ विवाह की अनुमति केवल कुछ सौर मासों में देते हैं, चातुर्मास और उन अवधियों को वर्जित करते हैं जब विवाह के कारक शुक्र या गुरु अस्त हों, और अशुभ योग व करण से रहित अनुकूल नक्षत्र देखते हैं। इसके बाद कुल ज्योतिषी उस अवधि के भीतर फेरों के लिए सटीक लग्न तय करते हैं।

  • चंद्रमा का नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
  • वर्जित पद: मघा और मूल का पहला पद, रेवती का अंतिम पद
  • सूर्य की राशि (सौर मास): मेष, वृषभ, मिथुन, वृश्चिक, मकर, कुंभ
  • वर्जित योग: विष्कंभ, अतिगंड, शूल, गंड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति
  • वर्जित करण: विष्टि (भद्रा), शकुनि, चतुष्पद, नाग
  • अधिक मास (मलमास) में कोई मुहूर्त नहीं
  • चातुर्मास (देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक) में कोई मुहूर्त नहीं
  • शुक्र या गुरु के अस्त (तारा अस्त) रहने पर, और अस्त होने से पहले तथा उदय होने के बाद के 3 दिनों में कोई मुहूर्त नहीं
  • जो दिन किसी वर्जित अवधि को छूता है, उसे पूरी तरह छोड़ दिया जाता है

ये सामान्य रूप से शुभ समय-अवधियां हैं। किसी संस्कार के लिए ज्योतिषी चुने गए क्षण का लग्न और संबंधित व्यक्तियों का तारा बल व चंद्र बल भी देखते हैं — एक ही अवधि किसी एक व्यक्ति के लिए दूसरे की तुलना में अधिक अनुकूल हो सकती है।

ज्योतिषी से अपना व्यक्तिगत मुहूर्त निकलवाएं किसी अनुभवी ज्योतिषी से बात करें।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2080 में विवाह के कितने मुहूर्त हैं?

इस पेज पर दिए गए नियमों के अनुसार 2080 में नई दिल्ली के लिए विवाह के 29 शुभ दिन हैं।

विवाह के लिए अगली शुभ तिथि कब है?

अगली शुभ तिथि शुक्रवार, 9 फ़रवरी 2080 है, मुहूर्त 07:04 – 21:27।

कुछ महीनों में कोई मुहूर्त क्यों नहीं होता?

मौसमी निषेधों के कारण लंबी अवधियां वर्जित हो जाती हैं: खरमास (सूर्य धनु या मीन राशि में), चातुर्मास, अधिक मास, और वे अवधियां जब शुक्र या गुरु अस्त होते हैं। बचे हुए दिनों में भी उपयुक्त नक्षत्र और तिथि का एक साथ होना ज़रूरी है।