विवाह मुहूर्त 2084
2084 में नई दिल्ली के लिए विवाह के 63 शुभ दिन, उन समय-अवधियों के साथ जिनमें सभी शर्तें पूरी होती हैं।
विवाह का अगला मुहूर्त: मंगलवार, 18 जनवरी 2084 — 19:01 – 07:14 (19 जन॰)
जनवरी 2084 · 8 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| मंगलवार, 18 जन॰ | 19:01 – 07:14 (19 जन॰) नक्षत्र: रोहिणी · तिथि: शुक्ल द्वादशी |
| बुधवार, 19 जन॰ | 07:14 – 07:13 (20 जन॰) नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा · तिथि: शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशी |
| गुरुवार, 20 जन॰ | 07:13 – 14:18 नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: शुक्ल त्रयोदशी |
| सोमवार, 24 जन॰ | 06:27 (25 जन॰) – 07:12 (25 जन॰) नक्षत्र: मघा · तिथि: कृष्ण द्वितीया |
| मंगलवार, 25 जन॰ | 07:12 – 20:10 नक्षत्र: मघा · तिथि: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया |
| गुरुवार, 27 जन॰ | 22:16 – 07:11 (28 जन॰) नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी, हस्त · तिथि: कृष्ण पंचमी |
| शुक्रवार, 28 जन॰ | 07:11 – 03:11 (29 जन॰) नक्षत्र: हस्त · तिथि: कृष्ण पंचमी, कृष्ण षष्ठी |
| सोमवार, 31 जन॰ | 00:39 (1 फ़र॰) – 07:09 (1 फ़र॰) नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: कृष्ण नवमी, कृष्ण दशमी |
फ़रवरी 2084 · 12 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| मंगलवार, 1 फ़र॰ | 07:09 – 14:09 नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: कृष्ण दशमी |
| बुधवार, 2 फ़र॰ | 04:06 (3 फ़र॰) – 07:08 (3 फ़र॰) नक्षत्र: मूल · तिथि: कृष्ण द्वादशी |
| गुरुवार, 3 फ़र॰ | 07:08 – 18:46 नक्षत्र: मूल · तिथि: कृष्ण द्वादशी |
| बुधवार, 9 फ़र॰ | 08:22 – 15:55 03:38 (10 फ़र॰) – 07:03 (10 फ़र॰) नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद · तिथि: शुक्ल चतुर्थी, शुक्ल पंचमी |
| गुरुवार, 10 फ़र॰ | 07:03 – 02:53 (11 फ़र॰) नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद, रेवती · तिथि: शुक्ल पंचमी |
| सोमवार, 14 फ़र॰ | 15:34 – 02:50 (15 फ़र॰) नक्षत्र: रोहिणी · तिथि: शुक्ल नवमी |
| सोमवार, 21 फ़र॰ | 05:14 (22 फ़र॰) – 06:53 (22 फ़र॰) नक्षत्र: मघा · तिथि: कृष्ण प्रतिपदा |
| मंगलवार, 22 फ़र॰ | 06:53 – 08:12 नक्षत्र: मघा · तिथि: कृष्ण प्रतिपदा |
| बुधवार, 23 फ़र॰ | 08:49 – 02:41 (24 फ़र॰) नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथि: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया |
| शनिवार, 26 फ़र॰ | 08:12 – 06:48 (27 फ़र॰) नक्षत्र: स्वाति · तिथि: कृष्ण पंचमी, कृष्ण षष्ठी |
| रविवार, 27 फ़र॰ | 06:48 – 07:23 नक्षत्र: स्वाति · तिथि: कृष्ण षष्ठी |
| सोमवार, 28 फ़र॰ | 15:23 – 05:06 (29 फ़र॰) नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: कृष्ण सप्तमी, कृष्ण अष्टमी |
मार्च 2084 · 7 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| बुधवार, 1 मार्च | 09:40 – 22:18 नक्षत्र: मूल · तिथि: कृष्ण नवमी, कृष्ण दशमी |
| गुरुवार, 2 मार्च | 03:36 (3 मार्च) – 06:43 (3 मार्च) नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा · तिथि: कृष्ण एकादशी |
| शुक्रवार, 3 मार्च | 06:43 – 23:03 नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा · तिथि: कृष्ण एकादशी, कृष्ण द्वादशी |
| मंगलवार, 7 मार्च | 18:20 – 06:37 (8 मार्च) नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद · तिथि: शुक्ल प्रतिपदा, शुक्ल द्वितीया |
| बुधवार, 8 मार्च | 06:37 – 06:36 (9 मार्च) नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद, रेवती · तिथि: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया |
| गुरुवार, 9 मार्च | 06:36 – 12:24 नक्षत्र: रेवती · तिथि: शुक्ल तृतीया |
| सोमवार, 13 मार्च | 09:30 – 02:19 (14 मार्च) नक्षत्र: रोहिणी · तिथि: शुक्ल सप्तमी |
अप्रैल 2084 · 10 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| सोमवार, 17 अप्रैल | 02:15 (18 अप्रैल) – 05:51 (18 अप्रैल) नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथि: शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशी |
| मंगलवार, 18 अप्रैल | 05:51 – 18:13 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथि: शुक्ल त्रयोदशी |
| बुधवार, 19 अप्रैल | 15:58 – 01:02 (20 अप्रैल) नक्षत्र: हस्त · तिथि: शुक्ल चतुर्दशी |
| शुक्रवार, 21 अप्रैल | 10:07 – 21:42 नक्षत्र: स्वाति · तिथि: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया |
| शनिवार, 22 अप्रैल | 03:17 (23 अप्रैल) – 04:28 (23 अप्रैल) नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: कृष्ण तृतीया |
| रविवार, 23 अप्रैल | 15:01 – 17:30 नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: कृष्ण चतुर्थी |
| सोमवार, 24 अप्रैल | 20:57 – 05:45 (25 अप्रैल) नक्षत्र: मूल · तिथि: कृष्ण पंचमी |
| मंगलवार, 25 अप्रैल | 05:45 – 13:34 नक्षत्र: मूल · तिथि: कृष्ण पंचमी, कृष्ण षष्ठी |
| बुधवार, 26 अप्रैल | 17:56 – 05:43 (27 अप्रैल) नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा · तिथि: कृष्ण सप्तमी, कृष्ण अष्टमी |
| गुरुवार, 27 अप्रैल | 05:43 – 10:41 नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा · तिथि: कृष्ण अष्टमी |
मई 2084 · 5 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| शनिवार, 6 मई | 15:41 – 00:37 (7 मई) नक्षत्र: रोहिणी · तिथि: शुक्ल द्वितीया |
| रविवार, 7 मई | 01:20 (8 मई) – 05:34 (8 मई) नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: शुक्ल तृतीया |
| सोमवार, 8 मई | 05:34 – 19:42 नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: शुक्ल तृतीया, शुक्ल चतुर्थी |
| बुधवार, 24 मई | 05:25 – 17:18 नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा · तिथि: कृष्ण पंचमी, कृष्ण षष्ठी |
| रविवार, 28 मई | 14:29 – 21:41 नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद · तिथि: कृष्ण दशमी |
जून 2084 · 0 दिन
जून में कोई भी दिन सभी शर्तें पूरी नहीं करता।
जुलाई 2084 · 5 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| शुक्रवार, 7 जुल॰ | 16:22 – 21:30 नक्षत्र: मघा · तिथि: शुक्ल पंचमी |
| शनिवार, 8 जुल॰ | 02:15 (9 जुल॰) – 05:30 (9 जुल॰) नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथि: शुक्ल षष्ठी |
| रविवार, 9 जुल॰ | 05:30 – 21:14 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथि: शुक्ल षष्ठी, शुक्ल सप्तमी |
| मंगलवार, 11 जुल॰ | 04:03 (12 जुल॰) – 05:32 (12 जुल॰) नक्षत्र: स्वाति · तिथि: शुक्ल नवमी |
| बुधवार, 12 जुल॰ | 05:32 – 03:14 (13 जुल॰) नक्षत्र: स्वाति · तिथि: शुक्ल नवमी, शुक्ल दशमी |
अगस्त 2084 · 0 दिन
अगस्त में कोई भी दिन सभी शर्तें पूरी नहीं करता।
सितंबर 2084 · 0 दिन
सितंबर में कोई भी दिन सभी शर्तें पूरी नहीं करता।
अक्टूबर 2084 · 0 दिन
अक्टूबर में कोई भी दिन सभी शर्तें पूरी नहीं करता।
नवंबर 2084 · 9 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| सोमवार, 20 नव॰ | 17:18 – 06:48 (21 नव॰) नक्षत्र: मघा · तिथि: कृष्ण अष्टमी |
| मंगलवार, 21 नव॰ | 06:48 – 10:19 नक्षत्र: मघा · तिथि: कृष्ण अष्टमी, कृष्ण नवमी |
| गुरुवार, 23 नव॰ | 10:14 – 06:51 (24 नव॰) नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी, हस्त · तिथि: कृष्ण एकादशी |
| शुक्रवार, 24 नव॰ | 06:51 – 16:36 नक्षत्र: हस्त · तिथि: कृष्ण एकादशी, कृष्ण द्वादशी |
| शनिवार, 25 नव॰ | 16:13 – 06:52 (26 नव॰) नक्षत्र: स्वाति · तिथि: कृष्ण त्रयोदशी |
| रविवार, 26 नव॰ | 06:52 – 07:52 नक्षत्र: स्वाति · तिथि: कृष्ण त्रयोदशी |
| सोमवार, 27 नव॰ | 03:10 (28 नव॰) – 06:54 (28 नव॰) नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: शुक्ल प्रतिपदा |
| मंगलवार, 28 नव॰ | 06:54 – 11:34 नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: शुक्ल प्रतिपदा |
| बुधवार, 29 नव॰ | 14:46 – 15:11 नक्षत्र: मूल · तिथि: शुक्ल द्वितीया |
दिसंबर 2084 · 7 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| शुक्रवार, 1 दिस॰ | 15:19 – 02:41 (2 दिस॰) नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा · तिथि: शुक्ल पंचमी |
| मंगलवार, 5 दिस॰ | 21:46 – 07:00 (6 दिस॰) नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद · तिथि: शुक्ल नवमी, शुक्ल दशमी |
| बुधवार, 6 दिस॰ | 07:00 – 15:18 नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद · तिथि: शुक्ल दशमी |
| गुरुवार, 7 दिस॰ | 13:45 – 15:48 नक्षत्र: रेवती · तिथि: शुक्ल एकादशी |
| रविवार, 10 दिस॰ | 01:31 (11 दिस॰) – 07:03 (11 दिस॰) नक्षत्र: रोहिणी · तिथि: शुक्ल चतुर्दशी |
| सोमवार, 11 दिस॰ | 19:56 – 07:04 (12 दिस॰) नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा · तिथि: पूर्णिमा |
| मंगलवार, 12 दिस॰ | 07:04 – 06:02 (13 दिस॰) नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: पूर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा |
नई दिल्ली के लिए गणना। समय-अवधियां स्थानीय समय में दिखाई गई हैं; जो अवधि मध्यरात्रि पार करती है, वह उसी दिन की मानी जाती है जिस दिन वह शुरू होती है (हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है)।
प्रयुक्त नियम
हिंदू विवाह परंपरागत रूप से पंचांग से चुने गए मुहूर्त में होते हैं। शास्त्रीय ग्रंथ विवाह की अनुमति केवल कुछ सौर मासों में देते हैं, चातुर्मास और उन अवधियों को वर्जित करते हैं जब विवाह के कारक शुक्र या गुरु अस्त हों, और अशुभ योग व करण से रहित अनुकूल नक्षत्र देखते हैं। इसके बाद कुल ज्योतिषी उस अवधि के भीतर फेरों के लिए सटीक लग्न तय करते हैं।
- चंद्रमा का नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
- वर्जित पद: मघा और मूल का पहला पद, रेवती का अंतिम पद
- सूर्य की राशि (सौर मास): मेष, वृषभ, मिथुन, वृश्चिक, मकर, कुंभ
- वर्जित योग: विष्कंभ, अतिगंड, शूल, गंड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति
- वर्जित करण: विष्टि (भद्रा), शकुनि, चतुष्पद, नाग
- अधिक मास (मलमास) में कोई मुहूर्त नहीं
- चातुर्मास (देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक) में कोई मुहूर्त नहीं
- शुक्र या गुरु के अस्त (तारा अस्त) रहने पर, और अस्त होने से पहले तथा उदय होने के बाद के 3 दिनों में कोई मुहूर्त नहीं
- जो दिन किसी वर्जित अवधि को छूता है, उसे पूरी तरह छोड़ दिया जाता है
ये सामान्य रूप से शुभ समय-अवधियां हैं। किसी संस्कार के लिए ज्योतिषी चुने गए क्षण का लग्न और संबंधित व्यक्तियों का तारा बल व चंद्र बल भी देखते हैं — एक ही अवधि किसी एक व्यक्ति के लिए दूसरे की तुलना में अधिक अनुकूल हो सकती है।
ज्योतिषी से अपना व्यक्तिगत मुहूर्त निकलवाएं किसी अनुभवी ज्योतिषी से बात करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2084 में विवाह के कितने मुहूर्त हैं?
इस पेज पर दिए गए नियमों के अनुसार 2084 में नई दिल्ली के लिए विवाह के 63 शुभ दिन हैं।
विवाह के लिए अगली शुभ तिथि कब है?
अगली शुभ तिथि मंगलवार, 18 जनवरी 2084 है, मुहूर्त 19:01 – 07:14 (19 जन॰)।
कुछ महीनों में कोई मुहूर्त क्यों नहीं होता?
मौसमी निषेधों के कारण लंबी अवधियां वर्जित हो जाती हैं: खरमास (सूर्य धनु या मीन राशि में), चातुर्मास, अधिक मास, और वे अवधियां जब शुक्र या गुरु अस्त होते हैं। बचे हुए दिनों में भी उपयुक्त नक्षत्र और तिथि का एक साथ होना ज़रूरी है।