मुंडन मुहूर्त 2089

2089 में नई दिल्ली के लिए मुंडन (पहली बार बाल उतारना) के 22 शुभ दिन, उन समय-अवधियों के साथ जिनमें सभी शर्तें पूरी होती हैं।

मुंडन (पहली बार बाल उतारना) का अगला मुहूर्त: बुधवार, 19 जनवरी 2089 — 07:14 – 13:25

जनवरी 2089 · 2 दिन

तारीखमुहूर्त
बुधवार, 19 जन॰
07:14 – 13:25
नक्षत्र: रेवती · तिथि: शुक्ल सप्तमी
सोमवार, 24 जन॰
07:12 – 09:07
नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: शुक्ल त्रयोदशी

फ़रवरी 2089 · 2 दिन

तारीखमुहूर्त
सोमवार, 21 फ़र॰
15:58 – 16:42
नक्षत्र: पुनर्वसु · तिथि: शुक्ल एकादशी
बुधवार, 23 फ़र॰
06:51 – 10:08
नक्षत्र: पुष्य · तिथि: शुक्ल त्रयोदशी

मार्च 2089 · 2 दिन

तारीखमुहूर्त
बुधवार, 9 मार्च
09:18 – 18:26
नक्षत्र: श्रवण · तिथि: कृष्ण त्रयोदशी
गुरुवार, 10 मार्च
06:35 – 11:15
नक्षत्र: धनिष्ठा · तिथि: कृष्ण त्रयोदशी

अप्रैल 2089 · 1 दिन

तारीखमुहूर्त
शुक्रवार, 15 अप्रैल
07:12 – 18:47
नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: शुक्ल पंचमी

मई 2089 · 9 दिन

तारीखमुहूर्त
सोमवार, 2 मई
08:49 – 11:51
नक्षत्र: श्रवण · तिथि: कृष्ण सप्तमी
बुधवार, 4 मई
16:14 – 18:58
नक्षत्र: शतभिषा · तिथि: कृष्ण दशमी
गुरुवार, 5 मई
05:36 – 16:32
नक्षत्र: शतभिषा · तिथि: कृष्ण दशमी
गुरुवार, 12 मई
14:27 – 19:03
नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: शुक्ल तृतीया
शुक्रवार, 13 मई
05:31 – 08:04
नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: शुक्ल तृतीया
सोमवार, 16 मई
05:29 – 06:48
नक्षत्र: पुष्य · तिथि: शुक्ल सप्तमी
शुक्रवार, 20 मई
05:27 – 15:40
नक्षत्र: हस्त · तिथि: शुक्ल एकादशी
बुधवार, 25 मई
16:51 – 19:11
नक्षत्र: ज्येष्ठा · तिथि: कृष्ण द्वितीया
गुरुवार, 26 मई
05:25 – 08:38
नक्षत्र: ज्येष्ठा · तिथि: कृष्ण द्वितीया

जून 2089 · 3 दिन

तारीखमुहूर्त
शुक्रवार, 10 जून
18:41 – 19:18
नक्षत्र: पुनर्वसु · तिथि: शुक्ल तृतीया
शुक्रवार, 17 जून
05:23 – 19:21
नक्षत्र: हस्त, चित्रा · तिथि: शुक्ल दशमी
सोमवार, 27 जून
14:37 – 19:23
नक्षत्र: धनिष्ठा · तिथि: कृष्ण पंचमी

जुलाई 2089 · 3 दिन

तारीखमुहूर्त
बुधवार, 6 जुल॰
10:10 – 14:27
नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: कृष्ण त्रयोदशी
बुधवार, 13 जुल॰
14:52 – 19:21
नक्षत्र: हस्त · तिथि: शुक्ल सप्तमी
गुरुवार, 14 जुल॰
05:33 – 11:04
नक्षत्र: हस्त · तिथि: शुक्ल सप्तमी

अगस्त 2089 · 0 दिन

अगस्त में कोई भी दिन सभी शर्तें पूरी नहीं करता।

सितंबर 2089 · 0 दिन

सितंबर में कोई भी दिन सभी शर्तें पूरी नहीं करता।

अक्टूबर 2089 · 0 दिन

अक्टूबर में कोई भी दिन सभी शर्तें पूरी नहीं करता।

नवंबर 2089 · 0 दिन

नवंबर में कोई भी दिन सभी शर्तें पूरी नहीं करता।

दिसंबर 2089 · 0 दिन

दिसंबर में कोई भी दिन सभी शर्तें पूरी नहीं करता।

नई दिल्ली के लिए गणना। समय-अवधियां स्थानीय समय में दिखाई गई हैं; जो अवधि मध्यरात्रि पार करती है, वह उसी दिन की मानी जाती है जिस दिन वह शुरू होती है (हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है)।

प्रयुक्त नियम

मुंडन (चूड़ाकर्म), यानी पहली बार बाल उतारना, उत्तरायण के महीनों में दिन के समय, अनुकूल नक्षत्र, तिथि और वार में किया जाता है, उन अवधियों से बचते हुए जब शुक्र या गुरु अस्त हों। आयु कुल की परंपरा से तय होती है — अक्सर पहला, तीसरा या पांचवां वर्ष।

  • चंद्रमा का नक्षत्र: पुनर्वसु, स्वाति, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, मृगशिरा, चित्रा, रेवती, अश्विनी, पुष्य, हस्त, ज्येष्ठा
  • तिथि (शुक्ल पक्ष): द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी; (कृष्ण पक्ष): द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी
  • वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
  • सूर्य की राशि (सौर मास): मकर, कुंभ, मेष, वृषभ, मिथुन
  • अधिक मास (मलमास) में कोई मुहूर्त नहीं
  • शुक्र या गुरु के अस्त (तारा अस्त) रहने पर, और अस्त होने से पहले तथा उदय होने के बाद के 3 दिनों में कोई मुहूर्त नहीं
  • संक्रांति और ग्रहण के दिन से बचें
  • केवल सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच

ये सामान्य रूप से शुभ समय-अवधियां हैं। किसी संस्कार के लिए ज्योतिषी चुने गए क्षण का लग्न और संबंधित व्यक्तियों का तारा बल व चंद्र बल भी देखते हैं — एक ही अवधि किसी एक व्यक्ति के लिए दूसरे की तुलना में अधिक अनुकूल हो सकती है।

ज्योतिषी से अपना व्यक्तिगत मुहूर्त निकलवाएं किसी अनुभवी ज्योतिषी से बात करें।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2089 में मुंडन (पहली बार बाल उतारना) के कितने मुहूर्त हैं?

इस पेज पर दिए गए नियमों के अनुसार 2089 में नई दिल्ली के लिए मुंडन (पहली बार बाल उतारना) के 22 शुभ दिन हैं।

मुंडन (पहली बार बाल उतारना) के लिए अगली शुभ तिथि कब है?

अगली शुभ तिथि बुधवार, 19 जनवरी 2089 है, मुहूर्त 07:14 – 13:25।

कुछ महीनों में कोई मुहूर्त क्यों नहीं होता?

मौसमी निषेधों के कारण लंबी अवधियां वर्जित हो जाती हैं: खरमास (सूर्य धनु या मीन राशि में), चातुर्मास, अधिक मास, और वे अवधियां जब शुक्र या गुरु अस्त होते हैं। बचे हुए दिनों में भी उपयुक्त नक्षत्र और तिथि का एक साथ होना ज़रूरी है।