रेवती नक्षत्र

रेवती, अंतिम नक्षत्र, के स्वामी बुध हैं और यात्रियों के रक्षक पूषन इसकी रक्षा करते हैं। यह दयालुता, कल्पनाशीलता और सुरक्षित यात्रा देता है।

विशेषताएं

  • सौम्य
  • रचनात्मक
  • करुणामय
  • भरोसा करने वाले

अनुकूल करियर

  • कला और फ़िल्म
  • यात्रा
  • उपचार
  • पशु-सेवा

पद (चरण)

पदराशिविस्तारनवांशनाम अक्षर
1मीन16° 40′ 00″ – 20° 00′ 00″धनुDe
2मीन20° 00′ 00″ – 23° 19′ 59″मकरDo
3मीन23° 20′ 00″ – 26° 40′ 00″कुंभCha
4मीन26° 40′ 00″ – 30° 00′ 00″मीनChi

पिछला: उत्तरा भाद्रपद। अगला: अश्विनी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रेवती नक्षत्र का स्वामी कौन है?

बुध। जिनके जन्म के समय चंद्रमा रेवती में होता है, उनका जीवन विंशोत्तरी पद्धति की बुध महादशा से शुरू होता है।

रेवती के नाम अक्षर कौन-से हैं?

रेवती के चार पद De, Do, Cha, Chi अक्षरों से जुड़े हैं। परंपरा के अनुसार बच्चे का नाम जन्म के समय चंद्रमा के पद के अक्षर से शुरू होता है।

रेवती किस गण और नाड़ी का है?

रेवती देव गण, अंत्य नाड़ी और गज योनि का है — ये कारक कुंडली मिलान में उपयोग होते हैं।