उत्तराषाढ़ा नक्षत्र

उत्तराषाढ़ा, यानी 'बाद की विजय', के स्वामी सूर्य और देवता विश्वेदेव हैं। यह ईमानदारी, धैर्य और स्थायी सफलता देता है।

विशेषताएं

  • सिद्धांतवादी
  • धैर्यवान
  • ज़िम्मेदार
  • नेतृत्वकर्ता

अनुकूल करियर

  • सरकारी सेवा
  • प्रबंधन
  • सेना
  • सामाजिक नेतृत्व

पद (चरण)

पदराशिविस्तारनवांशनाम अक्षर
1धनु26° 40′ 00″ – 30° 00′ 00″धनुBhe
2मकर0° 00′ 00″ – 3° 19′ 59″मकरBho
3मकर3° 20′ 00″ – 6° 40′ 00″कुंभJa
4मकर6° 40′ 00″ – 10° 00′ 00″मीनJi

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी कौन है?

सूर्य। जिनके जन्म के समय चंद्रमा उत्तराषाढ़ा में होता है, उनका जीवन विंशोत्तरी पद्धति की सूर्य महादशा से शुरू होता है।

उत्तराषाढ़ा के नाम अक्षर कौन-से हैं?

उत्तराषाढ़ा के चार पद Bhe, Bho, Ja, Ji अक्षरों से जुड़े हैं। परंपरा के अनुसार बच्चे का नाम जन्म के समय चंद्रमा के पद के अक्षर से शुरू होता है।

उत्तराषाढ़ा किस गण और नाड़ी का है?

उत्तराषाढ़ा मनुष्य गण, अंत्य नाड़ी और नकुल योनि का है — ये कारक कुंडली मिलान में उपयोग होते हैं।