17 अगस्त 2028 को बरेली का पंचांग

गुरुवार, 17 अगस्त 2028, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 17 अगस्त 2028 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (01:43, 18 अग॰ तक), नक्षत्र आर्द्रा (17:00 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:43 पर और सूर्यास्त 18:49 पर है। राहुकाल 13:54 से 15:32 तक है।

दिन और रात
दिन 05:43 – 18:49
रात 05:43 तक
तिथि
द्वादशी, 01:43 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
आर्द्रा, 17:00 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 अगस्त 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 01:43, 18 अग॰ तक
कृष्ण त्रयोदशी 23:00, 18 अग॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 15:18, 18 अग॰ तक
योग
वज्रअशुभ 15:42 तक
सिद्धि 12:38, 18 अग॰ तक
करण
कौलव 14:51 तक
तैतिल 01:43, 18 अग॰ तक
गर 12:26, 18 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:43
सूर्यास्त
18:49
चंद्रोदय
01:56
चंद्रास्त
16:21
दिनमान
13h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:16 – 04:59
अभिजीत मुहूर्त
11:49 – 12:42

अशुभ समय

राहुकाल
13:54 – 15:32
यमगंड
05:43 – 07:21
गुलिक काल
08:59 – 10:37

17 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:43 – 07:21शुभ
रोग07:21 – 08:59टालें
उद्वेग08:59 – 10:37टालें
चर10:37 – 12:16सामान्य
लाभ12:16 – 13:54शुभ
अमृत13:54 – 15:32शुभ
काल15:32 – 17:10टालें
शुभ17:10 – 18:49शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:49 – 20:10शुभ
चर20:10 – 21:32सामान्य
रोग21:32 – 22:54टालें
काल22:54 – 00:16टालें
लाभ00:16 – 01:38शुभ
उद्वेग01:38 – 02:59टालें
शुभ02:59 – 04:21शुभ
अमृत04:21 – 05:43शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:4306:48दिन
मंगल06:4807:54दिन
सूर्य07:5408:59दिन
शुक्र08:5910:05दिन
बुध10:0511:10दिन
चंद्र11:1012:16दिन
शनि12:1613:21दिन
गुरु13:2114:27दिन
मंगल14:2715:32दिन
सूर्य15:3216:38दिन
शुक्र16:3817:43दिन
बुध17:4318:49दिन
चंद्र18:4919:43रात
शनि19:4320:38रात
गुरु20:3821:32रात
मंगल21:3222:27रात
सूर्य22:2723:21रात
शुक्र23:2100:16रात
बुध00:1601:10रात
चंद्र01:1002:05रात
शनि02:0502:59रात
गुरु02:5903:54रात
मंगल03:5404:49रात
सूर्य04:4905:43रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
18 अग॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
20 अग॰ 2028भाद्रपद अमावस्याअमावस्या
23 अग॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
30 अग॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 सित॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 सित॰ 2028भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
8 सित॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
12 सित॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
15 सित॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी

तिथियां बरेली में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2569° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।