8 जनवरी 2022 को चेन्नई का पंचांग

शनिवार, 8 जनवरी 2022, चेन्नई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 8 जनवरी 2022 को चेन्नई में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (10:43 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (07:10, 9 जन॰ तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:33 पर और सूर्यास्त 17:57 पर है। राहुकाल 09:24 से 10:50 तक है।

दिन और रात
दिन 06:33 – 17:57
रात 06:33 तक
तिथि
षष्ठी, 10:43 तक
सप्तमी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 जनवरी 2022 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 10:43 तक
शुक्ल सप्तमी 11:09, 9 जन॰ तक
नक्षत्र
योग
वरीयान 11:39 तक
परिघअशुभ 10:48, 9 जन॰ तक
करण
तैतिल 10:43 तक
गर 22:49 तक
वणिज 11:09, 9 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:33
सूर्यास्त
17:57
चंद्रोदय
11:09
चंद्रास्त
23:25
दिनमान
11h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2078
शक संवत
1943, प्लव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:52 – 05:43
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:38

अशुभ समय

राहुकाल
09:24 – 10:50
यमगंड
13:41 – 15:06
गुलिक काल
06:33 – 07:59

8 जनवरी 2022 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:33 – 07:59टालें
शुभ07:59 – 09:24शुभ
रोग09:24 – 10:50टालें
उद्वेग10:50 – 12:15टालें
चर12:15 – 13:41सामान्य
लाभ13:41 – 15:06शुभ
अमृत15:06 – 16:32शुभ
काल16:32 – 17:57टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:57 – 19:32शुभ
उद्वेग19:32 – 21:06टालें
शुभ21:06 – 22:41शुभ
अमृत22:41 – 00:15शुभ
चर00:15 – 01:50सामान्य
रोग01:50 – 03:24टालें
काल03:24 – 04:59टालें
लाभ04:59 – 06:33शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:3307:30दिन
गुरु07:3008:27दिन
मंगल08:2709:24दिन
सूर्य09:2410:21दिन
शुक्र10:2111:18दिन
बुध11:1812:15दिन
चंद्र12:1513:12दिन
शनि13:1214:09दिन
गुरु14:0915:06दिन
मंगल15:0616:03दिन
सूर्य16:0317:00दिन
शुक्र17:0017:57दिन
बुध17:5719:00रात
चंद्र19:0020:03रात
शनि20:0321:06रात
गुरु21:0622:09रात
मंगल22:0923:12रात
सूर्य23:1200:15रात
शुक्र00:1501:18रात
बुध01:1802:21रात
चंद्र02:2103:24रात
शनि03:2404:27रात
गुरु04:2705:30रात
मंगल05:3006:33रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
13 जन॰ 2022शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
14 जन॰ 2022मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
15 जन॰ 2022प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
17 जन॰ 2022पौष पूर्णिमापूर्णिमा
22 जन॰ 2022संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
25 जन॰ 2022कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
28 जन॰ 2022कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
30 जन॰ 2022प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
1 फ़र॰ 2022माघ अमावस्याअमावस्या
4 फ़र॰ 2022विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां चेन्नई में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.1647° (लाहिड़ी)। समय चेन्नई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।