6 जुलाई 2028 को मुंबई का पंचांग

गुरुवार, 6 जुलाई 2028, मुंबई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 6 जुलाई 2028 को मुंबई में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (23:40 तक), नक्षत्र मूल (09:13 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:06 पर और सूर्यास्त 19:20 पर है। राहुकाल 14:22 से 16:01 तक है।

दिन और रात
दिन 06:06 – 19:20
रात 06:06 तक
तिथि
पूर्णिमा, 23:40 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
मूल, 09:13 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 जुलाई 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
पूर्णिमा 23:40 तक
कृष्ण प्रतिपदा 00:46, 8 जुल॰ तक
नक्षत्र
मूल 09:13 तक
पूर्वाषाढ़ा 10:42, 7 जुल॰ तक
योग
ब्रह्म 08:36 तक
इंद्र 08:16, 7 जुल॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:18 तक
बव 23:40 तक
बालव 12:10, 7 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:06
सूर्यास्त
19:20
चंद्रोदय
19:09
चंद्रास्त
05:27
दिनमान
13h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:40 – 05:23
अभिजीत मुहूर्त
12:16 – 13:09

अशुभ समय

राहुकाल
14:22 – 16:01
यमगंड
06:06 – 07:45
गुलिक काल
09:24 – 11:04

6 जुलाई 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:06 – 07:45शुभ
रोग07:45 – 09:24टालें
उद्वेग09:24 – 11:04टालें
चर11:04 – 12:43सामान्य
लाभ12:43 – 14:22शुभ
अमृत14:22 – 16:01शुभ
काल16:01 – 17:41टालें
शुभ17:41 – 19:20शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:20 – 20:41शुभ
चर20:41 – 22:01सामान्य
रोग22:01 – 23:22टालें
काल23:22 – 00:43टालें
लाभ00:43 – 02:04शुभ
उद्वेग02:04 – 03:25टालें
शुभ03:25 – 04:45शुभ
अमृत04:45 – 06:06शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0607:12दिन
मंगल07:1208:18दिन
सूर्य08:1809:24दिन
शुक्र09:2410:30दिन
बुध10:3011:37दिन
चंद्र11:3712:43दिन
शनि12:4313:49दिन
गुरु13:4914:55दिन
मंगल14:5516:01दिन
सूर्य16:0117:07दिन
शुक्र17:0718:14दिन
बुध18:1419:20दिन
चंद्र19:2020:14रात
शनि20:1421:08रात
गुरु21:0822:01रात
मंगल22:0122:55रात
सूर्य22:5523:49रात
शुक्र23:4900:43रात
बुध00:4301:37रात
चंद्र01:3702:31रात
शनि02:3103:25रात
गुरु03:2504:18रात
मंगल04:1805:12रात
सूर्य05:1206:06रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
6 जुल॰ 2028आषाढ़ पूर्णिमापूर्णिमा
10 जुल॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
15 जुल॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
16 जुल॰ 2028कर्क संक्रांतिसूर्य का कर्क में प्रवेश
18 जुल॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
20 जुल॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
22 जुल॰ 2028श्रावण अमावस्याअमावस्या
25 जुल॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
1 अग॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
3 अग॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां मुंबई में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2553° (लाहिड़ी)। समय मुंबई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।