10 दिसंबर 2026 को पुणे का पंचांग

गुरुवार, 10 दिसंबर 2026, पुणे, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 10 दिसंबर 2026 को पुणे में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (08:46 तक), नक्षत्र मूल (23:58 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:55 पर और सूर्यास्त 17:58 पर है। राहुकाल 13:50 से 15:12 तक है।

दिन और रात
दिन 06:55 – 17:58
रात 06:56 तक
तिथि
द्वितीया
नक्षत्र
मूल, 23:58 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 08:46 तक
शुक्ल द्वितीया 11:23, 11 दिस॰ तक
नक्षत्र
मूल 23:58 तक
पूर्वाषाढ़ा 03:04, 12 दिस॰ तक
योग
शूलअशुभ 09:24 तक
गंडअशुभ 10:18, 11 दिस॰ तक
करण
बव 08:46 तक
बालव 22:03 तक
कौलव 11:23, 11 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:55
सूर्यास्त
17:58
चंद्रोदय
07:58
चंद्रास्त
19:00
दिनमान
11h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:12 – 06:03
अभिजीत मुहूर्त
12:05 – 12:49

अशुभ समय

राहुकाल
13:50 – 15:12
यमगंड
06:55 – 08:18
गुलिक काल
09:41 – 11:04

10 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:55 – 08:18शुभ
रोग08:18 – 09:41टालें
उद्वेग09:41 – 11:04टालें
चर11:04 – 12:27सामान्य
लाभ12:27 – 13:50शुभ
अमृत13:50 – 15:12शुभ
काल15:12 – 16:35टालें
शुभ16:35 – 17:58शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:58 – 19:35शुभ
चर19:35 – 21:13सामान्य
रोग21:13 – 22:50टालें
काल22:50 – 00:27टालें
लाभ00:27 – 02:04शुभ
उद्वेग02:04 – 03:41टालें
शुभ03:41 – 05:19शुभ
अमृत05:19 – 06:56शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:5507:51दिन
मंगल07:5108:46दिन
सूर्य08:4609:41दिन
शुक्र09:4110:36दिन
बुध10:3611:31दिन
चंद्र11:3112:27दिन
शनि12:2713:22दिन
गुरु13:2214:17दिन
मंगल14:1715:12दिन
सूर्य15:1216:08दिन
शुक्र16:0817:03दिन
बुध17:0317:58दिन
चंद्र17:5819:03रात
शनि19:0320:08रात
गुरु20:0821:13रात
मंगल21:1322:17रात
सूर्य22:1723:22रात
शुक्र23:2200:27रात
बुध00:2701:32रात
चंद्र01:3202:37रात
शनि02:3703:41रात
गुरु03:4104:46रात
मंगल04:4605:51रात
सूर्य05:5106:56रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
13 दिस॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 दिस॰ 2026धनु संक्रांतिसूर्य का धनु में प्रवेश
20 दिस॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
22 दिस॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
23 दिस॰ 2026मार्गशीर्ष पूर्णिमापूर्णिमा
27 दिस॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
31 दिस॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
3 जन॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
5 जन॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
7 जन॰ 2027पौष अमावस्याअमावस्या

तिथियां पुणे में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2334° (लाहिड़ी)। समय पुणे (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।