7 अगस्त 2029 को पुणे का पंचांग

मंगलवार, 7 अगस्त 2029, पुणे, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 7 अगस्त 2029 को पुणे में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (10:48 तक), नक्षत्र आर्द्रा (20:28 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:14 पर और सूर्यास्त 19:06 पर है। राहुकाल 15:53 से 17:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:14 – 19:06
रात 06:14 तक
तिथि
द्वादशी, 10:48 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
आर्द्रा, 20:28 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 अगस्त 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 10:48 तक
कृष्ण त्रयोदशी 10:20, 8 अग॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 20:26, 8 अग॰ तक
योग
हर्षण 12:53 तक
वज्रअशुभ 11:26, 8 अग॰ तक
करण
तैतिल 10:48 तक
गर 22:39 तक
वणिज 10:20, 8 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:14
सूर्यास्त
19:06
चंद्रोदय
03:20
चंद्रास्त
16:53
दिनमान
12h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:45 – 05:29
अभिजीत मुहूर्त
12:14 – 13:05

अशुभ समय

राहुकाल
15:53 – 17:29
यमगंड
09:27 – 11:03
गुलिक काल
12:40 – 14:16

7 अगस्त 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:14 – 07:50टालें
उद्वेग07:50 – 09:27टालें
चर09:27 – 11:03सामान्य
लाभ11:03 – 12:40शुभ
अमृत12:40 – 14:16शुभ
काल14:16 – 15:53टालें
शुभ15:53 – 17:29शुभ
रोग17:29 – 19:06टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:06 – 20:29टालें
लाभ20:29 – 21:53शुभ
उद्वेग21:53 – 23:16टालें
शुभ23:16 – 00:40शुभ
अमृत00:40 – 02:03शुभ
चर02:03 – 03:27सामान्य
रोग03:27 – 04:50टालें
काल04:50 – 06:14टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:1407:18दिन
सूर्य07:1808:22दिन
शुक्र08:2209:27दिन
बुध09:2710:31दिन
चंद्र10:3111:35दिन
शनि11:3512:40दिन
गुरु12:4013:44दिन
मंगल13:4414:48दिन
सूर्य14:4815:53दिन
शुक्र15:5316:57दिन
बुध16:5718:01दिन
चंद्र18:0119:06दिन
शनि19:0620:02रात
गुरु20:0220:57रात
मंगल20:5721:53रात
सूर्य21:5322:49रात
शुक्र22:4923:44रात
बुध23:4400:40रात
चंद्र00:4001:36रात
शनि01:3602:31रात
गुरु02:3103:27रात
मंगल03:2704:23रात
सूर्य04:2305:18रात
शुक्र05:1806:14रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
8 अग॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
10 अग॰ 2029श्रावण अमावस्याअमावस्या
13 अग॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
17 अग॰ 2029सिंह संक्रांतिसूर्य का सिंह में प्रवेश
20 अग॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
22 अग॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
24 अग॰ 2029श्रावण पूर्णिमापूर्णिमा
28 अग॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
1 सित॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
4 सित॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी

तिथियां पुणे में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2705° (लाहिड़ी)। समय पुणे (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।