22 नवंबर 2027 को ठाणे का पंचांग

सोमवार, 22 नवंबर 2027, ठाणे, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 22 नवंबर 2027 को ठाणे में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (15:28 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (20:43 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:49 पर और सूर्यास्त 17:58 पर है। राहुकाल 08:13 से 09:36 तक है।

दिन और रात
दिन 06:49 – 17:58
रात 06:50 तक
तिथि
नवमी, 15:28 तक
दशमी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 20:43 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 नवंबर 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण नवमी 15:28 तक
कृष्ण दशमी 13:45, 23 नव॰ तक
नक्षत्र
योग
वैधृतिअशुभ 16:43 तक
विष्कंभअशुभ 14:08, 23 नव॰ तक
करण
गर 15:28 तक
वणिज 02:35, 23 नव॰ तक
विष्टि (भद्रा) 13:45, 23 नव॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 02:27, 23 नव॰ तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:49
सूर्यास्त
17:58
चंद्रोदय
01:08
चंद्रास्त
13:42
दिनमान
11h 9m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:06 – 05:58
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
08:13 – 09:36
यमगंड
11:00 – 12:24
गुलिक काल
13:47 – 15:11

22 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:49 – 08:13शुभ
काल08:13 – 09:36टालें
शुभ09:36 – 11:00शुभ
रोग11:00 – 12:24टालें
उद्वेग12:24 – 13:47टालें
चर13:47 – 15:11सामान्य
लाभ15:11 – 16:34शुभ
अमृत16:34 – 17:58शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:58 – 19:35सामान्य
रोग19:35 – 21:11टालें
काल21:11 – 22:47टालें
लाभ22:47 – 00:24शुभ
उद्वेग00:24 – 02:00टालें
शुभ02:00 – 03:37शुभ
अमृत03:37 – 05:13शुभ
चर05:13 – 06:50सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4907:45दिन
शनि07:4508:40दिन
गुरु08:4009:36दिन
मंगल09:3610:32दिन
सूर्य10:3211:28दिन
शुक्र11:2812:24दिन
बुध12:2413:19दिन
चंद्र13:1914:15दिन
शनि14:1515:11दिन
गुरु15:1116:07दिन
मंगल16:0717:02दिन
सूर्य17:0217:58दिन
शुक्र17:5819:02रात
बुध19:0220:07रात
चंद्र20:0721:11रात
शनि21:1122:15रात
गुरु22:1523:20रात
मंगल23:2000:24रात
सूर्य00:2401:28रात
शुक्र01:2802:32रात
बुध02:3203:37रात
चंद्र03:3704:41रात
शनि04:4105:45रात
गुरु05:4506:50रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
24 नव॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
26 नव॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
28 नव॰ 2027मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
2 दिस॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
9 दिस॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
11 दिस॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
13 दिस॰ 2027मार्गशीर्ष पूर्णिमापूर्णिमा
16 दिस॰ 2027धनु संक्रांतिसूर्य का धनु में प्रवेश
17 दिस॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
20 दिस॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां ठाणे में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2467° (लाहिड़ी)। समय ठाणे (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।