डेमो जन्म कुंडली के लिए नमूना रिपोर्ट। आपकी रिपोर्ट आपके अपने जन्म विवरण से बनाई जाती है।
कुंडली मिलान रिपोर्ट
Priya & Rahul
15 अक्टूबर 2026 को BhagyAstro द्वारा तैयार
1 गुण मिलान
18 की पारंपरिक सीमा से कम
Priya और Rahul को 36 में से 10.5 गुण मिले हैं। गुण अंक 18 से कम हैं, जिसे पारंपरिक ग्रंथ प्रतिकूल मानते हैं। निर्णय से पहले दोषों और दोनों कुंडलियों को पूरा देखें।
Priya: जन्म: 21 मार्च 1993, 07:45, Kolkata, West Bengal (UTC+05:30)।
Rahul: जन्म: 2 नवंबर 1991, 18:20, Mumbai, Maharashtra (UTC+05:30)।
2 आठों कूटों की व्याख्या
| कूट | Priya | Rahul | प्राप्त अंक | कुल में से |
|---|---|---|---|---|
| वर्ण | शूद्र | क्षत्रिय | 1 | 1 |
| वश्य | मानव | वनचर | 0 | 2 |
| तारा | शतभिषा | उत्तरा फाल्गुनी | 1.5 | 3 |
| योनि | अश्व | गौ | 1 | 4 |
| ग्रह मैत्री | शनि | सूर्य | 0 | 5 |
| गण | राक्षस | मनुष्य | 0 | 6 |
| भकूट | कुंभ | सिंह | 7 | 7 |
| नाड़ी | आदि | आदि | 0 | 8 |
| कुल | 10.5 | 36 |
वर्ण: 1 / 1
वर्ण (1 अंक) दोनों चंद्र राशियों के आध्यात्मिक स्वभाव की तुलना करता है। यह सबसे छोटा कारक है; यहाँ शून्य अंक अपने आप में शायद ही चिंता की बात होता है।
वश्य: 0 / 2
वश्य (2 अंक) स्वाभाविक आकर्षण और कौन किसे अधिक प्रभावित करता है, यह देखता है। कम अंक का अर्थ है कि दंपति को सचेत होकर निर्णय मिल-बाँटकर लेने होंगे।
तारा: 1.5 / 3
तारा (3 अंक) एक-दूसरे के जन्म नक्षत्र से गिनती करता है। इसका संबंध विवाह के बाद कुशलता और सौभाग्य से है।
योनि: 1 / 4
योनि (4 अंक) हर नक्षत्र को एक पशु से जोड़कर उनकी प्रवृत्तियों की तुलना करता है — शारीरिक अनुकूलता और एक-दूसरे के साथ सहजता।
ग्रह मैत्री: 0 / 5
ग्रह मैत्री (5 अंक) दोनों चंद्र राशियों के स्वामियों की मित्रता की तुलना करता है — दंपति कितनी आसानी से एक-दूसरे की सोच समझते हैं। ज्योतिषी अक्सर इसे बहुत महत्व देते हैं।
गण: 0 / 6
गण (6 अंक) स्वभाव की तुलना करता है: देव (सौम्य), मनुष्य (व्यावहारिक) और राक्षस (तीव्र)। मेल न होने का अर्थ हो सकता है कि दोनों मतभेद को अलग-अलग ढंग से संभालते हैं।
भकूट: 7 / 7
भकूट (7 अंक) दोनों चंद्र राशियों की आपसी स्थिति देखता है: परिवार का कल्याण, आर्थिक स्थिति और साथ में उन्नति। शून्य अंक भकूट दोष है, जिसके शास्त्रीय अपवाद हैं।
नाड़ी: 0 / 8
नाड़ी (8 अंक) सबसे बड़ा एकल कारक है और इसका संबंध स्वास्थ्य और संतान से है। एक ही नाड़ी होने पर शून्य अंक मिलते हैं (नाड़ी दोष), जिसके शास्त्रीय अपवाद हैं — “दोष और अपवाद” खंड देखें।
3 दोष और अपवाद
- नाड़ी दोष: उपस्थित
- भकूट दोष: उपस्थित नहीं
- गण दोष: उपस्थित
यहाँ कोई भी शास्त्रीय अपवाद लागू नहीं होता।
4 मांगलिक जाँच
- Priya
- हल्का
- Rahul
- उपस्थित
केवल एक पक्ष में उल्लेखनीय मांगलिक दोष है। पारंपरिक रूप से इसमें दोनों कुंडलियों और परिहार कारकों की सावधानी से जांच ज़रूरी है।
Priya
मंगल लग्न से 3वें भाव में और चंद्रमा से 5वें भाव में है। शुक्र से मंगल: भाव 4.
Rahul
मंगल लग्न से 7वें भाव में और चंद्रमा से 3वें भाव में है। शुक्र से मंगल: भाव 3.
5 दोनों जन्म कुंडलियाँ
Priya की कुंडली
चंद्रमा कुंभ में, शतभिषा पद 2। लग्न मेष।
नवांश कुंडली (D9)
Rahul की कुंडली
चंद्रमा सिंह में, उत्तरा फाल्गुनी पद 1। लग्न मेष।
नवांश कुंडली (D9)
6 चल रही दशाएँ
- Priya: शनि महादशा, शुक्र अंतर्दशा (21 जन॰ 2029 तक)
- Rahul: राहु महादशा, शुक्र अंतर्दशा (31 दिस॰ 2028 तक)
शनि: शनि की दशा अनुशासन, धैर्य और परिश्रम का स्थायी फल देती है। यह ज़िम्मेदारी, व्यवस्था, सेवा और दीर्घकालिक परियोजनाएँ लाती है, कभी-कभी देरी और भारी कार्यभार के साथ। यहाँ धीमी और स्थिर चाल ही जीतती है; जोड़ों, दाँतों और पुराने रोगों का ध्यान रखें।
राहु: राहु की दशा तीव्र महत्वाकांक्षा और लीक से हटकर रास्ते लाती है: विदेश से संबंध, तकनीक, राजनीति, मीडिया और अचानक मिलने वाले अवसर। यह आपको तेज़ी से ऊपर उठा सकती है, पर भ्रम, बेचैनी और मोह भी ला सकती है। शॉर्टकट, नशे और बहुत अच्छे लगने वाले सौदों से बचें।
7 हमारा मार्गदर्शन
गुण मिलान केवल पहला कदम है। अनुभवी ज्योतिषी दोनों कुंडलियों में सप्तम भाव और उसके स्वामी, नवांश, चल रही दशाओं और प्रत्येक कुंडली के समग्र बल की भी तुलना करते हैं। अधिक गुण सुखी विवाह की गारंटी नहीं देते, और कम गुण विवाह को असफल नहीं बना देते — आपसी सम्मान और प्रयास सबसे अधिक मायने रखते हैं।
अष्टकूट अंक मुहूर्त चिंतामणि की तालिकाओं के अनुसार हैं। कुछ क्षेत्रीय परंपराएं वश्य, योनि और गण की थोड़ी अलग तालिकाएं उपयोग करती हैं, इसलिए अन्य वेबसाइटों के अंकों में एक-दो अंक का अंतर हो सकता है। दक्षिण भारतीय मिलान (दश पोरुथम) एक अलग पद्धति है।