पूर्णिमा 2037

2037 में नई दिल्ली के लिए पूर्णिमा की सभी 13 तारीखें, तिथि के प्रारंभ और समाप्ति के सटीक समय के साथ।

आगामी पूर्णिमा: पौष पूर्णिमा — शुक्रवार, 2 जन॰ 2037

तारीखव्रत/पर्वतिथि प्रारंभतिथि समाप्त
शुक्रवार, 2 जन॰पौष पूर्णिमा1 जन॰ 2037, 10:502 जन॰ 2037, 08:05
शनिवार, 31 जन॰माघ पूर्णिमा30 जन॰ 2037, 23:0431 जन॰ 2037, 19:34
रविवार, 1 मार्चफाल्गुन पूर्णिमा1 मार्च 2037, 09:462 मार्च 2037, 05:58
मंगलवार, 31 मार्चचैत्र पूर्णिमा30 मार्च 2037, 18:5931 मार्च 2037, 15:23
बुधवार, 29 अप्रैलवैशाख पूर्णिमा29 अप्रैल 2037, 03:1530 अप्रैल 2037, 00:23
शुक्रवार, 29 मईअधिक ज्येष्ठ पूर्णिमा28 मई 2037, 11:3329 मई 2037, 09:54
शनिवार, 27 जूनज्येष्ठ पूर्णिमा26 जून 2037, 21:0227 जून 2037, 20:49
सोमवार, 27 जुल॰आषाढ़ पूर्णिमा26 जुल॰ 2037, 08:3327 जुल॰ 2037, 09:45
मंगलवार, 25 अग॰श्रावण पूर्णिमा24 अग॰ 2037, 22:3026 अग॰ 2037, 00:39
गुरुवार, 24 सित॰भाद्रपद पूर्णिमा23 सित॰ 2037, 14:3324 सित॰ 2037, 17:01
शनिवार, 24 अक्टू॰आश्विन पूर्णिमा23 अक्टू॰ 2037, 07:5924 अक्टू॰ 2037, 10:06
रविवार, 22 नव॰कार्तिक पूर्णिमा22 नव॰ 2037, 01:5423 नव॰ 2037, 03:05
मंगलवार, 22 दिस॰मार्गशीर्ष पूर्णिमा21 दिस॰ 2037, 19:1622 दिस॰ 2037, 19:08

तारीखें नई दिल्ली में सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। स्थानीय परंपराएं — स्मार्त और वैष्णव एकादशी, प्रदोष काल में प्रदोष, चंद्रोदय के अनुसार चतुर्थी — व्रत को एक दिन आगे-पीछे कर सकती हैं, इसलिए ऊपर दिए तिथि समय देखें या अपने कुल पुरोहित से पूछें।

पूर्णिमा के बारे में

पूर्णिमा शुक्ल पक्ष का अंतिम दिन है, जब चंद्रमा पूर्ण होता है। इस दिन कई पर्व पड़ते हैं — गुरु पूर्णिमा, रक्षा बंधन, शरद पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली उनमें शामिल हैं।

व्रत कैसे रखा जाता है

लोग व्रत रखते हैं या एक समय भोजन करते हैं, सत्यनारायण पूजा करते हैं, पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और दान देते हैं। चंद्रोदय के बाद चंद्रमा की पूजा की जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आगामी पूर्णिमा कब है?

आगामी पौष पूर्णिमा शुक्रवार, 2 जन॰ को है। तिथि 1 जन॰ 2037, 10:50 पर शुरू होकर 2 जन॰ 2037, 08:05 पर समाप्त होती है (नई दिल्ली का समय)।

2037 में पूर्णिमा कितनी बार है?

2037 में पूर्णिमा की 13 तारीखें हैं।