संक्रांति 2005
2005 में नई दिल्ली के लिए संक्रांति की सभी 12 तारीखें, तिथि के प्रारंभ और समाप्ति के सटीक समय के साथ।
| तारीख | व्रत/पर्व | सूर्य का प्रवेश |
|---|---|---|
| शुक्रवार, 14 जन॰ | मकर संक्रांति | 14 जन॰ 2005, 05:42 |
| शनिवार, 12 फ़र॰ | कुंभ संक्रांति | 12 फ़र॰ 2005, 18:42 |
| सोमवार, 14 मार्च | मीन संक्रांति | 14 मार्च 2005, 15:37 |
| गुरुवार, 14 अप्रैल | मेष संक्रांति | 14 अप्रैल 2005, 00:09 |
| शनिवार, 14 मई | वृषभ संक्रांति | 14 मई 2005, 21:02 |
| बुधवार, 15 जून | मिथुन संक्रांति | 15 जून 2005, 03:40 |
| शनिवार, 16 जुल॰ | कर्क संक्रांति | 16 जुल॰ 2005, 14:33 |
| मंगलवार, 16 अग॰ | सिंह संक्रांति | 16 अग॰ 2005, 22:58 |
| शुक्रवार, 16 सित॰ | कन्या संक्रांति | 16 सित॰ 2005, 22:51 |
| सोमवार, 17 अक्टू॰ | तुला संक्रांति | 17 अक्टू॰ 2005, 10:46 |
| बुधवार, 16 नव॰ | वृश्चिक संक्रांति | 16 नव॰ 2005, 10:32 |
| शुक्रवार, 16 दिस॰ | धनु संक्रांति | 16 दिस॰ 2005, 01:09 |
तारीखें नई दिल्ली में सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। स्थानीय परंपराएं — स्मार्त और वैष्णव एकादशी, प्रदोष काल में प्रदोष, चंद्रोदय के अनुसार चतुर्थी — व्रत को एक दिन आगे-पीछे कर सकती हैं, इसलिए ऊपर दिए तिथि समय देखें या अपने कुल पुरोहित से पूछें।
संक्रांति के बारे में
संक्रांति वह दिन है जब सूर्य एक नई निरयन राशि में प्रवेश करता है — साल में बारह बार। मकर संक्रांति (मकर राशि में) और मेष संक्रांति (कई क्षेत्रों में सौर नववर्ष) प्रमुख पर्व हैं।
व्रत कैसे रखा जाता है
लोग नदियों में स्नान करते हैं और दान देते हैं — विशेषकर तिल, अनाज और वस्त्र — और राशि प्रवेश के आसपास का समय (पुण्य काल) दोनों के लिए शुभ माना जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2005 में संक्रांति कितनी बार है?
2005 में संक्रांति की 12 तारीखें हैं।