21 मार्च 2027 को अलीगढ़ का चौघड़िया

रविवार, 21 मार्च 2027, अलीगढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 21 मार्च 2027 को अलीगढ़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (18:22 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (22:07 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:21 पर और सूर्यास्त 18:29 पर है। राहुकाल 16:58 से 18:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:21 – 18:29
रात 06:20 तक
तिथि
चतुर्दशी, 18:22 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 22:07 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:21 – 07:52टालें
चर07:52 – 09:23सामान्य
लाभ09:23 – 10:54शुभ
अमृत10:54 – 12:25शुभ
काल12:25 – 13:56टालें
शुभ13:56 – 15:27शुभ
रोग15:27 – 16:58टालें
उद्वेग16:58 – 18:29टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:29 – 19:58शुभ
अमृत19:58 – 21:26शुभ
चर21:26 – 22:55सामान्य
रोग22:55 – 00:24टालें
काल00:24 – 01:53टालें
लाभ01:53 – 03:22शुभ
उद्वेग03:22 – 04:51टालें
शुभ04:51 – 06:20शुभ

21 मार्च 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 18:22 तक
पूर्णिमा 16:13, 22 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 20:46, 22 मार्च तक
योग
शूलअशुभ 16:58 तक
गंडअशुभ 14:04, 22 मार्च तक
करण
गर 07:32 तक
वणिज 18:22 तक
विष्टि (भद्रा) 05:15, 22 मार्च तक
बव 16:13, 22 मार्च तक
चंद्र राशि
सिंह 03:44, 22 मार्च तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:21
सूर्यास्त
18:29
चंद्रोदय
17:30
चंद्रास्त
05:22
दिनमान
12h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:46 – 05:33
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:49

अशुभ समय

राहुकाल
16:58 – 18:29
यमगंड
12:25 – 13:56
गुलिक काल
15:27 – 16:58

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:2107:21दिन
शुक्र07:2108:22दिन
बुध08:2209:23दिन
चंद्र09:2310:23दिन
शनि10:2311:24दिन
गुरु11:2412:25दिन
मंगल12:2513:25दिन
सूर्य13:2514:26दिन
शुक्र14:2615:27दिन
बुध15:2716:27दिन
चंद्र16:2717:28दिन
शनि17:2818:29दिन
गुरु18:2919:28रात
मंगल19:2820:27रात
सूर्य20:2721:26रात
शुक्र21:2622:26रात
बुध22:2623:25रात
चंद्र23:2500:24रात
शनि00:2401:23रात
गुरु01:2302:23रात
मंगल02:2303:22रात
सूर्य03:2204:21रात
शुक्र04:2105:20रात
बुध05:2006:20रात

अयनांश 24.2372° (लाहिड़ी)। समय अलीगढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।