बेंगलुरु का आज का चौघड़िया

गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026, बेंगलुरु, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (03:25, 16 अक्टू॰ तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (06:47, 16 अक्टू॰ तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:09 पर और सूर्यास्त 18:00 पर है। राहुकाल 13:34 से 15:03 तक है।

दिन और रात
दिन 06:09 – 18:00
रात 06:10 तक
तिथि
पंचमी, 03:25 तक
षष्ठी
नक्षत्र
ज्येष्ठा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:09 – 07:38शुभ
रोग07:38 – 09:07टालें
उद्वेग09:07 – 10:36टालें
चर10:36 – 12:05सामान्य
लाभ12:05 – 13:34शुभ
अमृत13:34 – 15:03शुभ
काल15:03 – 16:31टालें
शुभ16:31 – 18:00शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:00 – 19:31शुभ
चर19:31 – 21:03सामान्य
रोग21:03 – 22:34टालें
काल22:34 – 00:05टालें
लाभ00:05 – 01:36शुभ
उद्वेग01:36 – 03:07टालें
शुभ03:07 – 04:38शुभ
अमृत04:38 – 06:10शुभ

15 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 03:25, 16 अक्टू॰ तक
शुक्ल षष्ठी 05:54, 17 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 06:47, 16 अक्टू॰ तक
योग
सौभाग्य 21:15 तक
शोभन 22:05, 16 अक्टू॰ तक
करण
बव 14:16 तक
बालव 03:25, 16 अक्टू॰ तक
कौलव 16:38, 16 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:09
सूर्यास्त
18:00
चंद्रोदय
09:59
चंद्रास्त
21:27
दिनमान
11h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:32 – 05:21
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
13:34 – 15:03
यमगंड
06:09 – 07:38
गुलिक काल
09:07 – 10:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0907:09दिन
मंगल07:0908:08दिन
सूर्य08:0809:07दिन
शुक्र09:0710:06दिन
बुध10:0611:06दिन
चंद्र11:0612:05दिन
शनि12:0513:04दिन
गुरु13:0414:03दिन
मंगल14:0315:03दिन
सूर्य15:0316:02दिन
शुक्र16:0217:01दिन
बुध17:0118:00दिन
चंद्र18:0019:01रात
शनि19:0120:02रात
गुरु20:0221:03रात
मंगल21:0322:03रात
सूर्य22:0323:04रात
शुक्र23:0400:05रात
बुध00:0501:06रात
चंद्र01:0602:06रात
शनि02:0603:07रात
गुरु03:0704:08रात
मंगल04:0805:09रात
सूर्य05:0906:10रात

अयनांश 24.2312° (लाहिड़ी)। समय बेंगलुरु (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।