उडुपी का आज का चौघड़िया

गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026, उडुपी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को उडुपी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (03:25, 16 अक्टू॰ तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (06:47, 16 अक्टू॰ तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:21 पर और सूर्यास्त 18:11 पर है। राहुकाल 13:45 से 15:14 तक है।

दिन और रात
दिन 06:21 – 18:11
रात 06:21 तक
तिथि
पंचमी, 03:25 तक
षष्ठी
नक्षत्र
ज्येष्ठा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:21 – 07:50शुभ
रोग07:50 – 09:19टालें
उद्वेग09:19 – 10:47टालें
चर10:47 – 12:16सामान्य
लाभ12:16 – 13:45शुभ
अमृत13:45 – 15:14शुभ
काल15:14 – 16:43टालें
शुभ16:43 – 18:11शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:11 – 19:43शुभ
चर19:43 – 21:14सामान्य
रोग21:14 – 22:45टालें
काल22:45 – 00:16टालें
लाभ00:16 – 01:48शुभ
उद्वेग01:48 – 03:19टालें
शुभ03:19 – 04:50शुभ
अमृत04:50 – 06:21शुभ

15 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 03:25, 16 अक्टू॰ तक
शुक्ल षष्ठी 05:54, 17 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 06:47, 16 अक्टू॰ तक
योग
सौभाग्य 21:15 तक
शोभन 22:05, 16 अक्टू॰ तक
करण
बव 14:16 तक
बालव 03:25, 16 अक्टू॰ तक
कौलव 16:38, 16 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:21
सूर्यास्त
18:11
चंद्रोदय
10:12
चंद्रास्त
21:38
दिनमान
11h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:44 – 05:32
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
13:45 – 15:14
यमगंड
06:21 – 07:50
गुलिक काल
09:19 – 10:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:2107:20दिन
मंगल07:2008:19दिन
सूर्य08:1909:19दिन
शुक्र09:1910:18दिन
बुध10:1811:17दिन
चंद्र11:1712:16दिन
शनि12:1613:15दिन
गुरु13:1514:15दिन
मंगल14:1515:14दिन
सूर्य15:1416:13दिन
शुक्र16:1317:12दिन
बुध17:1218:11दिन
चंद्र18:1119:12रात
शनि19:1220:13रात
गुरु20:1321:14रात
मंगल21:1422:15रात
सूर्य22:1523:16रात
शुक्र23:1600:16रात
बुध00:1601:17रात
चंद्र01:1702:18रात
शनि02:1803:19रात
गुरु03:1904:20रात
मंगल04:2005:20रात
सूर्य05:2006:21रात

अयनांश 24.2312° (लाहिड़ी)। समय उडुपी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।