पुष्य नक्षत्र
पुष्य को सबसे शुभ नक्षत्र माना जाता है। इसके स्वामी शनि और देवता बृहस्पति हैं। यह पोषण और रक्षा करता है तथा कर्तव्यनिष्ठ, समर्पित स्वभाव देता है।
विशेषताएं
- पालन-पोषण करने वाले
- अनुशासित
- धार्मिक
- परंपरावादी
अनुकूल करियर
- शिक्षण और पुरोहिती
- डेयरी और खाद्य
- समाज सेवा
- प्रशासन
पद (चरण)
| पद | राशि | विस्तार | नवांश | नाम अक्षर |
|---|
| 1 | कर्क | 3° 20′ 00″ – 6° 40′ 00″ | सिंह | Hu |
| 2 | कर्क | 6° 40′ 00″ – 10° 00′ 00″ | कन्या | He |
| 3 | कर्क | 10° 00′ 00″ – 13° 20′ 00″ | तुला | Ho |
| 4 | कर्क | 13° 20′ 00″ – 16° 40′ 00″ | वृश्चिक | Da |
पिछला: पुनर्वसु। अगला: आश्लेषा।