शनि किसका कारक है
- अनुशासन और कड़ी मेहनत
- आयु
- सेवक और श्रमिक वर्ग
- हड्डियाँ, दाँत और पुराने रोग
जब शनि बलवान हो
बलवान शनि लगन, स्थिरता, लंबी आयु और स्थायी सफलता देता है।
जब शनि कमज़ोर हो
पीड़ित शनि देरी, बोझ, अकेलापन और लंबे समय तक चलने वाली समस्याएँ लाता है।
हर भाव में शनि
प्रथम भाव में शनिद्वितीय भाव में शनितृतीय भाव में शनिचतुर्थ भाव में शनिपंचम भाव में शनिषष्ठ भाव में शनिसप्तम भाव में शनिअष्टम भाव में शनिनवम भाव में शनिदशम भाव में शनिएकादश भाव में शनिद्वादश भाव में शनि
रत्न केवल तभी पहनें जब कोई ज्योतिषी आपकी पूरी कुंडली देख ले — कठिन भावों के स्वामी ग्रह का रत्न नुकसान कर सकता है।