ज्येष्ठा नक्षत्र

ज्येष्ठा, यानी 'सबसे बड़ा', देवराज इंद्र का नक्षत्र है। यह वरिष्ठता, रक्षा-भाव और ज़िम्मेदारी देता है, साथ ही पद-प्रतिष्ठा को लेकर संवेदनशीलता भी।

विशेषताएं

  • रक्षक
  • साधन-संपन्न
  • स्वाभिमानी
  • तीव्र

अनुकूल करियर

  • प्रशासन
  • पुलिस और सुरक्षा
  • प्रबंधन
  • इंजीनियरिंग

पद (चरण)

पदराशिविस्तारनवांशनाम अक्षर
1वृश्चिक16° 40′ 00″ – 20° 00′ 00″धनुNo
2वृश्चिक20° 00′ 00″ – 23° 20′ 00″मकरYa
3वृश्चिक23° 20′ 00″ – 26° 40′ 00″कुंभYi
4वृश्चिक26° 40′ 00″ – 30° 00′ 00″मीनYu

पिछला: अनुराधा। अगला: मूल।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ज्येष्ठा नक्षत्र का स्वामी कौन है?

बुध। जिनके जन्म के समय चंद्रमा ज्येष्ठा में होता है, उनका जीवन विंशोत्तरी पद्धति की बुध महादशा से शुरू होता है।

ज्येष्ठा के नाम अक्षर कौन-से हैं?

ज्येष्ठा के चार पद No, Ya, Yi, Yu अक्षरों से जुड़े हैं। परंपरा के अनुसार बच्चे का नाम जन्म के समय चंद्रमा के पद के अक्षर से शुरू होता है।

ज्येष्ठा किस गण और नाड़ी का है?

ज्येष्ठा राक्षस गण, आदि नाड़ी और मृग योनि का है — ये कारक कुंडली मिलान में उपयोग होते हैं।