16 सितंबर 2027 को अमृतसर का चौघड़िया

गुरुवार, 16 सितंबर 2027, अमृतसर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 16 सितंबर 2027 को अमृतसर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (05:52, 17 सित॰ तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (13:44 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:14 पर और सूर्यास्त 18:35 पर है। राहुकाल 13:57 से 15:30 तक है।

दिन और रात
दिन 06:14 – 18:35
रात 06:15 तक
तिथि
प्रतिपदा, 05:52 तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 13:44 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:14 – 07:47शुभ
रोग07:47 – 09:20टालें
उद्वेग09:20 – 10:52टालें
चर10:52 – 12:25सामान्य
लाभ12:25 – 13:57शुभ
अमृत13:57 – 15:30शुभ
काल15:30 – 17:03टालें
शुभ17:03 – 18:35शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:35 – 20:03शुभ
चर20:03 – 21:30सामान्य
रोग21:30 – 22:58टालें
काल22:58 – 00:25टालें
लाभ00:25 – 01:53शुभ
उद्वेग01:53 – 03:20टालें
शुभ03:20 – 04:47शुभ
अमृत04:47 – 06:15शुभ

16 सितंबर 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 05:52, 17 सित॰ तक
कृष्ण द्वितीया 06:44, 18 सित॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 15:29, 17 सित॰ तक
योग
शूलअशुभ 09:30 तक
गंडअशुभ 09:27, 17 सित॰ तक
करण
बालव 17:16 तक
कौलव 05:52, 17 सित॰ तक
तैतिल 18:21, 17 सित॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 07:13 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:14
सूर्यास्त
18:35
चंद्रोदय
18:35
चंद्रास्त
06:24
दिनमान
12h 21m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:41 – 05:28
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:49

अशुभ समय

राहुकाल
13:57 – 15:30
यमगंड
06:14 – 07:47
गुलिक काल
09:20 – 10:52

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1407:16दिन
मंगल07:1608:18दिन
सूर्य08:1809:20दिन
शुक्र09:2010:21दिन
बुध10:2111:23दिन
चंद्र11:2312:25दिन
शनि12:2513:27दिन
गुरु13:2714:28दिन
मंगल14:2815:30दिन
सूर्य15:3016:32दिन
शुक्र16:3217:33दिन
बुध17:3318:35दिन
चंद्र18:3519:34रात
शनि19:3420:32रात
गुरु20:3221:30रात
मंगल21:3022:28रात
सूर्य22:2823:27रात
शुक्र23:2700:25रात
बुध00:2501:23रात
चंद्र01:2302:22रात
शनि02:2203:20रात
गुरु03:2004:18रात
मंगल04:1805:17रात
सूर्य05:1706:15रात

अयनांश 24.2441° (लाहिड़ी)। समय अमृतसर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।