22 दिसंबर 2024 को अयोध्या का चौघड़िया

रविवार, 22 दिसंबर 2024, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 22 दिसंबर 2024 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (14:32 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (09:09, 23 दिस॰ तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:46 पर और सूर्यास्त 17:13 पर है। राहुकाल 15:55 से 17:13 तक है।

दिन और रात
दिन 06:46 – 17:13
रात 06:46 तक
तिथि
सप्तमी, 14:32 तक
अष्टमी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 दिसंबर 2024 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:46 – 08:04टालें
चर08:04 – 09:23सामान्य
लाभ09:23 – 10:41शुभ
अमृत10:41 – 11:59शुभ
काल11:59 – 13:18टालें
शुभ13:18 – 14:36शुभ
रोग14:36 – 15:55टालें
उद्वेग15:55 – 17:13टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:13 – 18:55शुभ
अमृत18:55 – 20:36शुभ
चर20:36 – 22:18सामान्य
रोग22:18 – 00:00टालें
काल00:00 – 01:41टालें
लाभ01:41 – 03:23शुभ
उद्वेग03:23 – 05:05टालें
शुभ05:05 – 06:46शुभ

22 दिसंबर 2024 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 14:32 तक
कृष्ण अष्टमी 17:08, 23 दिस॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 09:09, 23 दिस॰ तक
योग
आयुष्मान 18:59 तक
सौभाग्य 19:54, 23 दिस॰ तक
करण
बव 14:32 तक
बालव 03:48, 23 दिस॰ तक
कौलव 17:08, 23 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 12:55 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:46
सूर्यास्त
17:13
चंद्रोदय
23:52
चंद्रास्त
11:39
दिनमान
10h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:57 – 05:51
अभिजीत मुहूर्त
11:38 – 12:20

अशुभ समय

राहुकाल
15:55 – 17:13
यमगंड
11:59 – 13:18
गुलिक काल
14:36 – 15:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:4607:38दिन
शुक्र07:3808:30दिन
बुध08:3009:23दिन
चंद्र09:2310:15दिन
शनि10:1511:07दिन
गुरु11:0711:59दिन
मंगल11:5912:52दिन
सूर्य12:5213:44दिन
शुक्र13:4414:36दिन
बुध14:3615:29दिन
चंद्र15:2916:21दिन
शनि16:2117:13दिन
गुरु17:1318:21रात
मंगल18:2119:29रात
सूर्य19:2920:36रात
शुक्र20:3621:44रात
बुध21:4422:52रात
चंद्र22:5200:00रात
शनि00:0001:07रात
गुरु01:0702:15रात
मंगल02:1503:23रात
सूर्य03:2304:31रात
शुक्र04:3105:38रात
बुध05:3806:46रात

अयनांश 24.2059° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।