1 मार्च 2025 को अयोध्या का चौघड़िया

शनिवार, 1 मार्च 2025, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 1 मार्च 2025 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (00:09, 2 मार्च तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (11:22 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 06:25 पर और सूर्यास्त 18:02 पर है। राहुकाल 09:19 से 10:46 तक है।

दिन और रात
दिन 06:25 – 18:02
रात 06:24 तक
तिथि
द्वितीया, 00:09 तक
तृतीया
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 11:22 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:25 – 07:52टालें
शुभ07:52 – 09:19शुभ
रोग09:19 – 10:46टालें
उद्वेग10:46 – 12:13टालें
चर12:13 – 13:40सामान्य
लाभ13:40 – 15:07शुभ
अमृत15:07 – 16:35शुभ
काल16:35 – 18:02टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:02 – 19:34शुभ
उद्वेग19:34 – 21:07टालें
शुभ21:07 – 22:40शुभ
अमृत22:40 – 00:13शुभ
चर00:13 – 01:45सामान्य
रोग01:45 – 03:18टालें
काल03:18 – 04:51टालें
लाभ04:51 – 06:24शुभ

1 मार्च 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 00:09, 2 मार्च तक
शुक्ल तृतीया 21:02, 2 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 08:59, 2 मार्च तक
योग
साध्य 16:24 तक
शुभ 12:39, 2 मार्च तक
करण
बालव 13:43 तक
कौलव 00:09, 2 मार्च तक
तैतिल 10:35, 2 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:25
सूर्यास्त
18:02
चंद्रोदय
07:11
चंद्रास्त
19:33
दिनमान
11h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:46 – 05:35
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:36

अशुभ समय

राहुकाल
09:19 – 10:46
यमगंड
13:40 – 15:07
गुलिक काल
06:25 – 07:52

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:2507:23दिन
गुरु07:2308:21दिन
मंगल08:2109:19दिन
सूर्य09:1910:17दिन
शुक्र10:1711:15दिन
बुध11:1512:13दिन
चंद्र12:1313:11दिन
शनि13:1114:09दिन
गुरु14:0915:07दिन
मंगल15:0716:06दिन
सूर्य16:0617:04दिन
शुक्र17:0418:02दिन
बुध18:0219:04रात
चंद्र19:0420:05रात
शनि20:0521:07रात
गुरु21:0722:09रात
मंगल22:0923:11रात
सूर्य23:1100:13रात
शुक्र00:1301:15रात
बुध01:1502:16रात
चंद्र02:1603:18रात
शनि03:1804:20रात
गुरु04:2005:22रात
मंगल05:2206:24रात

अयनांश 24.2086° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।