10 अप्रैल 2025 को अयोध्या का चौघड़िया

गुरुवार, 10 अप्रैल 2025, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 10 अप्रैल 2025 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (01:01, 11 अप्रैल तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (12:24 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 05:42 पर और सूर्यास्त 18:22 पर है। राहुकाल 13:37 से 15:12 तक है।

दिन और रात
दिन 05:42 – 18:22
रात 05:41 तक
तिथि
त्रयोदशी, 01:01 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 12:24 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:42 – 07:17शुभ
रोग07:17 – 08:52टालें
उद्वेग08:52 – 10:27टालें
चर10:27 – 12:02सामान्य
लाभ12:02 – 13:37शुभ
अमृत13:37 – 15:12शुभ
काल15:12 – 16:47टालें
शुभ16:47 – 18:22शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:22 – 19:47शुभ
चर19:47 – 21:12सामान्य
रोग21:12 – 22:37टालें
काल22:37 – 00:02टालें
लाभ00:02 – 01:27शुभ
उद्वेग01:27 – 02:51टालें
शुभ02:51 – 04:16शुभ
अमृत04:16 – 05:41शुभ

10 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 01:01, 11 अप्रैल तक
शुक्ल चतुर्दशी 03:22, 12 अप्रैल तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 15:10, 11 अप्रैल तक
योग
वृद्धि 18:58 तक
ध्रुव 19:45, 11 अप्रैल तक
करण
कौलव 11:56 तक
तैतिल 01:01, 11 अप्रैल तक
गर 14:10, 11 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सिंह 19:04 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:42
सूर्यास्त
18:22
चंद्रोदय
16:13
चंद्रास्त
04:12
दिनमान
12h 40m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:11 – 04:57
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:28

अशुभ समय

राहुकाल
13:37 – 15:12
यमगंड
05:42 – 07:17
गुलिक काल
08:52 – 10:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:4206:45दिन
मंगल06:4507:49दिन
सूर्य07:4908:52दिन
शुक्र08:5209:55दिन
बुध09:5510:59दिन
चंद्र10:5912:02दिन
शनि12:0213:06दिन
गुरु13:0614:09दिन
मंगल14:0915:12दिन
सूर्य15:1216:16दिन
शुक्र16:1617:19दिन
बुध17:1918:22दिन
चंद्र18:2219:19रात
शनि19:1920:15रात
गुरु20:1521:12रात
मंगल21:1222:09रात
सूर्य22:0923:05रात
शुक्र23:0500:02रात
बुध00:0200:58रात
चंद्र00:5801:55रात
शनि01:5502:51रात
गुरु02:5103:48रात
मंगल03:4804:44रात
सूर्य04:4405:41रात

अयनांश 24.2101° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।