19 अगस्त 2025 को अयोध्या का चौघड़िया

मंगलवार, 19 अगस्त 2025, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 19 अगस्त 2025 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (15:33 तक), नक्षत्र आर्द्रा (01:07, 20 अग॰ तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:34 पर और सूर्यास्त 18:34 पर है। राहुकाल 15:19 से 16:57 तक है।

दिन और रात
दिन 05:34 – 18:34
रात 05:35 तक
तिथि
एकादशी, 15:33 तक
द्वादशी
नक्षत्र
आर्द्रा, 01:07 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:34 – 07:12टालें
उद्वेग07:12 – 08:49टालें
चर08:49 – 10:27सामान्य
लाभ10:27 – 12:04शुभ
अमृत12:04 – 13:42शुभ
काल13:42 – 15:19टालें
शुभ15:19 – 16:57शुभ
रोग16:57 – 18:34टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:34 – 19:57टालें
लाभ19:57 – 21:19शुभ
उद्वेग21:19 – 22:42टालें
शुभ22:42 – 00:04शुभ
अमृत00:04 – 01:27शुभ
चर01:27 – 02:50सामान्य
रोग02:50 – 04:12टालें
काल04:12 – 05:35टालें

19 अगस्त 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 15:33 तक
कृष्ण द्वादशी 13:59, 20 अग॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 01:07, 20 अग॰ तक
पुनर्वसु 00:27, 21 अग॰ तक
योग
वज्रअशुभ 20:29 तक
सिद्धि 18:13, 20 अग॰ तक
करण
बालव 15:33 तक
कौलव 02:43, 20 अग॰ तक
तैतिल 13:59, 20 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:34
सूर्यास्त
18:34
चंद्रोदय
01:09
चंद्रास्त
15:50
दिनमान
13h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:06 – 04:50
अभिजीत मुहूर्त
11:38 – 12:30

अशुभ समय

राहुकाल
15:19 – 16:57
यमगंड
08:49 – 10:27
गुलिक काल
12:04 – 13:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:3406:39दिन
सूर्य06:3907:44दिन
शुक्र07:4408:49दिन
बुध08:4909:54दिन
चंद्र09:5410:59दिन
शनि10:5912:04दिन
गुरु12:0413:09दिन
मंगल13:0914:14दिन
सूर्य14:1415:19दिन
शुक्र15:1916:24दिन
बुध16:2417:29दिन
चंद्र17:2918:34दिन
शनि18:3419:29रात
गुरु19:2920:24रात
मंगल20:2421:19रात
सूर्य21:1922:14रात
शुक्र22:1423:09रात
बुध23:0900:04रात
चंद्र00:0400:59रात
शनि00:5901:55रात
गुरु01:5502:50रात
मंगल02:5003:45रात
सूर्य03:4504:40रात
शुक्र04:4005:35रात

अयनांश 24.2151° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।