2 नवंबर 2025 को अयोध्या का चौघड़िया

रविवार, 2 नवंबर 2025, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 2 नवंबर 2025 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (07:32 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (17:03 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:11 पर और सूर्यास्त 17:17 पर है। राहुकाल 15:54 से 17:17 तक है।

दिन और रात
दिन 06:11 – 17:17
रात 06:12 तक
तिथि
द्वादशी, 05:07 तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 17:03 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:11 – 07:34टालें
चर07:34 – 08:58सामान्य
लाभ08:58 – 10:21शुभ
अमृत10:21 – 11:44शुभ
काल11:44 – 13:07टालें
शुभ13:07 – 14:31शुभ
रोग14:31 – 15:54टालें
उद्वेग15:54 – 17:17टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:17 – 18:54शुभ
अमृत18:54 – 20:31शुभ
चर20:31 – 22:08सामान्य
रोग22:08 – 23:44टालें
काल23:44 – 01:21टालें
लाभ01:21 – 02:58शुभ
उद्वेग02:58 – 04:35टालें
शुभ04:35 – 06:12शुभ

2 नवंबर 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 07:32 तक
शुक्ल द्वादशी 05:07, 3 नव॰ तक
शुक्ल त्रयोदशी 02:06, 4 नव॰ तक
नक्षत्र
योग
व्याघातअशुभ 23:10 तक
हर्षण 19:39, 3 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 07:32 तक
बव 18:25 तक
बालव 05:07, 3 नव॰ तक
कौलव 15:41, 3 नव॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 11:27 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:11
सूर्यास्त
17:17
चंद्रोदय
15:00
चंद्रास्त
02:25
दिनमान
11h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:28 – 05:19
अभिजीत मुहूर्त
11:22 – 12:06

अशुभ समय

राहुकाल
15:54 – 17:17
यमगंड
11:44 – 13:07
गुलिक काल
14:31 – 15:54

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:1107:07दिन
शुक्र07:0708:02दिन
बुध08:0208:58दिन
चंद्र08:5809:53दिन
शनि09:5310:49दिन
गुरु10:4911:44दिन
मंगल11:4412:40दिन
सूर्य12:4013:35दिन
शुक्र13:3514:31दिन
बुध14:3115:26दिन
चंद्र15:2616:22दिन
शनि16:2217:17दिन
गुरु17:1718:22रात
मंगल18:2219:26रात
सूर्य19:2620:31रात
शुक्र20:3121:35रात
बुध21:3522:40रात
चंद्र22:4023:44रात
शनि23:4400:49रात
गुरु00:4901:54रात
मंगल01:5402:58रात
सूर्य02:5804:03रात
शुक्र04:0305:07रात
बुध05:0706:12रात

अयनांश 24.2180° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।