17 जनवरी 2026 को अयोध्या का चौघड़िया

शनिवार, 17 जनवरी 2026, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 17 जनवरी 2026 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (00:04, 18 जन॰ तक), नक्षत्र मूल (08:12 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:51 पर और सूर्यास्त 17:31 पर है। राहुकाल 09:31 से 10:51 तक है।

दिन और रात
दिन 06:51 – 17:31
रात 06:51 तक
तिथि
चतुर्दशी, 00:04 तक
अमावस्या
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:51 – 08:11टालें
शुभ08:11 – 09:31शुभ
रोग09:31 – 10:51टालें
उद्वेग10:51 – 12:11टालें
चर12:11 – 13:31सामान्य
लाभ13:31 – 14:51शुभ
अमृत14:51 – 16:11शुभ
काल16:11 – 17:31टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:31 – 19:11शुभ
उद्वेग19:11 – 20:51टालें
शुभ20:51 – 22:31शुभ
अमृत22:31 – 00:11शुभ
चर00:11 – 01:51सामान्य
रोग01:51 – 03:31टालें
काल03:31 – 05:11टालें
लाभ05:11 – 06:51शुभ

17 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 00:04, 18 जन॰ तक
अमावस्या 01:22, 19 जन॰ तक
नक्षत्र
मूल 08:12 तक
पूर्वाषाढ़ा 10:14, 18 जन॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 21:18 तक
हर्षण 21:11, 18 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:16 तक
शकुनि 00:04, 18 जन॰ तक
चतुष्पद 12:46, 18 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:51
सूर्यास्त
17:31
चंद्रोदय
05:46
चंद्रास्त
16:04
दिनमान
10h 40m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:04 – 05:57
अभिजीत मुहूर्त
11:49 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
09:31 – 10:51
यमगंड
13:31 – 14:51
गुलिक काल
06:51 – 08:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:5107:44दिन
गुरु07:4408:37दिन
मंगल08:3709:31दिन
सूर्य09:3110:24दिन
शुक्र10:2411:17दिन
बुध11:1712:11दिन
चंद्र12:1113:04दिन
शनि13:0413:57दिन
गुरु13:5714:51दिन
मंगल14:5115:44दिन
सूर्य15:4416:38दिन
शुक्र16:3817:31दिन
बुध17:3118:38रात
चंद्र18:3819:44रात
शनि19:4420:51रात
गुरु20:5121:57रात
मंगल21:5723:04रात
सूर्य23:0400:11रात
शुक्र00:1101:17रात
बुध01:1702:24रात
चंद्र02:2403:31रात
शनि03:3104:37रात
गुरु04:3705:44रात
मंगल05:4406:51रात

अयनांश 24.2209° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।